रणहौला इलाके में शनिवार सुबह एक महिला और उसके मुंहबोले देवर की भारी वस्तु से वार कर हत्या कर दी गई। महिला का शव कमरे में, जबकि देवर का शव छत पर मिला।
मौके से पुलिस को शराब की बोतलें और चार गिलास मिले हैं, जिसे क्राइम टीम ने कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस को आशंका है कि वारदात को किसी परिचित ने अंजाम दिया है।
पुलिस के अनुसार मूलत: बापरौला की रहने वाली सुनीता(40) विकास नगर एस ब्लॉक में किराये के मकान में अकेली रहती थी। उसके पति हुमायूंपूर रोहतक निवासी राम कुमार की 12 साल पहले मौत हो चुकी है। सुनीता की दो बेटी और एक बेटा है।
बड़ी बेटी सोनिया की शादी गिरावर रोहतक निवासी मंजीत से हुई है, जबकि छोटी बेटी ज्योति की शादी गोहाना सोनीपत निवासी जिले सिंह से हुई है। उसका 15 वर्षीय बेटा अंकित अपनी बड़ी बहन के साथ रहता है।
सुनीता के पास अक्सर उसका मुंहबोला देवर हुमायूंपुर रोहतक निवासी राजेश कुमार(42) आता था, जो पेशे से ड्राइवर था। इस मकान के पिछले भाग में तनवीर अपने मकान का निर्माण कार्य करवा रहा है।
शनिवार सुबह साढ़े सात बजे उसकी पत्नी साहिदा ने सुनीता की मकान के छत पर एक शख्स को खून से लथपथ देखकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में ले लिया। उसकी पहचान राजेश के रूप में हुई।
उसके बाद सुनीता की खून से सनी लाश उसके घर में बिस्तर पर मिली। पुलिस को छत पर शराब की बोतलें और चार गिलास के अलावा नमकीन मिली है। जबकि मकान के भूतल पर बतौर किरायेदार रहने वाले दशरथ चौहान ने किसी शोर शराबे की बात से इनकार किया है।
सुनीता की बेटी पड़ोसन के घर रह रही थी
जांच में पुलिस को पता चला कि सुनीता इससे पूर्व इसी ब्लॉक के दूसरे मकान में किराये पर रहती थी। उसकी बेटी ज्योति एक माह से दिल्ली में है और वह पहले वाले मकान के पड़ोस में रहने वाली महिला बिट्टो देवी के घर पर रह रही है। पुलिस ने ज्योति से संपर्क कर उससे पूछताछ की है। हालांकि पुलिस उससे पूछताछ के बारे में कुछ भी कहने से बच रही है।
परिचित पर हत्या करने का शक
पुलिस को किसी परिचित पर हत्या करने का शक है। पुलिस प्रॉपर्टी विवाद, अवैध संबंध और रंजिश की पहलू से मामले की जांच में जुट गई है। पड़ोसियों से पुलिस को पता चला है कि सुनीता राजेश को अपना देवर बताती थी।
वह खुद को दिल्ली पुलिस में और राजेश को जल बोर्ड का कर्मचारी बताती थी। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि सुनीता के घर में कई लोगों का आना जाना था। सुनीता का अपने ससुराल वालों से भी विवाद चल रहा था।