मानसरोसर पार्क इलाके में जिंदल फैमिली के एक ही परिवार की चार महिलाओं समेत पांच लोगों की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ दस दिन बाद भी खाली हैं।
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पुलिस की मानें तो 10 दिन पहले हुए हत्याकांड में दिल्ली पुलिस की 30 टीमों को छानबीन के लिए लगाया गया है। पुलिस मामले में अभी तक करीब 200 लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
दिल्ली पुलिस के तेज तर्रार अफसर केस सुलझाने में लगे हैं। कई जिले के स्पेशल स्टाफ, एएटीएस, स्पेशल सेल व क्राइम ब्रांच भी अपने स्तर पर मामले की छानबीन में जुटे हैं। लेकिन पुलिस के हाथ खाली हैं।
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'पिछले दिनों एक शराबी ने झूठी कॉल कर पुलिस को गुमराह कर दिया'
जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पिछले दिनों एक शराबी ने झूठी कॉल कर पुलिस को गुमराह कर दिया। आरोपी ने अलग-अलग कई नंबरों से कॉल कर पुलिस को सूचना दी कि ई-44 नंदनगरी में एमएस पार्क हत्याकांड का साजिशकर्ता रहता है।
छानबीन की गई तो पता चला कि पहले कभी यह शख्स जिंदल परिवार का किरायेदार रहा था। लेकिन उसका हत्याकांड से कोई वास्ता नही है। छानबीन के बाद पुलिस ने आरोपी कॉलर को भी ढूंढ निकाला। उसने बताया कि वह सिर्फ अपना गुस्सा निकालने के लिए पीड़ित को फंसाने का प्रयास कर रहा था।
छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिंदल परिवार से जुड़े सभी लोगों की मोबाइल कॉल डिटेल की बहुत बारीकी से छानबीन की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई सुराग हाथ नही लगा है।
फिंगर प्रिंट किसी भी बदमाश के डिजीयर से मेल नहीं खा रहे हैं
मृतकों के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस मान रही है कि जिन लोगों ने भी पांच लोगों की हत्या की है, उनका कोई पुलिस रिकॉर्ड नहीं मिला है। घटनास्थल से उठाए गए फिंगर प्रिंट किसी भी बदमाश के डिजीयर से मेल नहीं खा रहे हैं।
बता दें कि सात आक्तूबर को मानसरोवर पार्क इलाके में जिंदल परिवार की चार महिलाएं उर्मिला जिंदल (78), बेटी संगीता गुप्ता (52), नूपुर जिंदल (48) और अंजलि जिंदल (45) और इनके सिक्योरिटी गार्ड राकेश कुमार (50) की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी।