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मंजीत महाल गैंग का सदस्य नफे सिंह अरेस्ट, स्कूल टाइम से ही हत्या के प्रयास का केस दर्ज था

Sun, 26 Feb 2017 09:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली।
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nafe singh - फोटो : अमर उजाला
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गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू और ज्योति के बहनोई सुनील उर्फ डॉक्टर की हत्या के बाद बाहरी दिल्ली में हो रही गैंगवार के लिए जिम्मेदार गैंगस्टर नफे सिंह उर्फ मंत्री को स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया है।
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नफे सिंह मंजीत महाल गैंग का सक्रिय सदस्य है। उस पर पुलिस ने एक लाख का इनाम घोषित कर रखा था। उसके पास से पुलिस को एक पिस्टल और पांच कारतूस मिले हैं। नफे पर दिल्ली व हरियाणा में हत्या के तीन मामले समेत पहले से हत्या का प्रयास, लूटपाट और आर्म्स एक्ट के नौ मामले दर्ज हैं।

स्पेशल सेल के उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि बाहरी दिल्ली में गैंगवार में हो रही हत्याओं में नफे सिंह किसी न किसी तौर पर जुड़ा हुआ था। स्पेशल सेल को लगातार जानकारी मिल रही थी कि नफे सिंह राजस्थान, हरियाणा और बाहरी दिल्ली में अपना ठिकाना बना रखा है। 
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मंजीत महाल की गिरफ्तारी के बाद वह पंचकूला भाग गया

nafe singh - फोटो : अमर उजाला
दिसंबर में मंजीत महाल की गिरफ्तारी के बाद वह पंचकूला भाग गया। स्पेशल सेल की टीम उसपर लगातार निगरानी रख रही थी। 25 फरवरी को उसके दिल्ली आने की जानकारी मिली। पुलिस की टीम ने केशोपुर डिपो के पास घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। 

पूछताछ में नफे सिंह ने बताया कि वह बचपन से ही गुस्सैल स्वभाव का था। स्कूल के दिनों में भी उसके खिलाफ मारपीट और हत्या का प्रयास का मामला दर्ज हो गया।  2002-03 में उसने केबल का कारोबार शुरू किया। एक केबल कार्यालय में उनकी मुलाकात मंजीत महाल से हुई।  

2015 में गिरफ्तारी से बचने के लिए मंजीत, प्रदीप और अशोक ने उसके कार्यालय में शरण ली थी। जहां उसने रुपये देकर उनकी मदद की थी। इसी जगह से साजिश रचकर उसने गैंगवार में कपिल के बहनोई सुनील उर्फ डॉक्टर की हत्या कर दी। 
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गैंगवार की कैसे हुई शुरूआत  

demo pic - फोटो : अमर उजाला
गैंगवार की कैसे हुई शुरूआत  
 1. मंजीत महाल के सहयोगी दिनेश दलाल उर्फ गपचू का गैंगस्टर विकास लगरपुरिया से विवाद चल रहा था। दिनेश ने विकास लगरपुरिया के पिता को धमकी दे दी थी। इससे नाराज विकास लगरपुरिया ने धीरपाल कान्हा की मदद से दिनेश की हत्या कर दी। इसके बाद से ही मंजीत विकास से बदला लेने की ताक में था। 
 
2. मंजीत ने सहयोगी नफे सिंह, अशोक और प्रदीप सोलंकी के साथ दीनपुर स्थित सूरजभान के घर पर विकास लगरपुरिया के बहनोई होने के धोखे में  सुनील उर्फ डॉक्टर की हत्या कर दी। जबकि, सुनिल ज्योति उर्फ बाबा और कपिल का बहनोई था।
   
3. कपिल व ज्योति गैंग ने उसी रात घुम्मनहेड़ा में नफे सिंह के घर पर धावा बोलकर उसके पिता हरिकृष्ण की हत्या कर दी। गोलीबारी में उसकी मां कमला और पत्नी शर्मिला गंभीर रूप से घायल हो गई। 

4. 20 दिन बाद ही कपिल गैंग ने बहनोई की हत्या में गिरफ्तार धर्मेंद्र के पिता और भाई की गोली मारकर हत्या कर दी।

5.  नफे सिंह को पता चला कि नजफगढ में रहने वाले विजेंद्र ने कपिल को उसके परिवार के बारे में जानकारी दी है। उसने सहयोगियों के साथ मिलकर मई 2016 में विजेंद्र की हत्या कर दी। विजेंद्र को 54 गोलियां मारी गईं थीं। 

6. अक्तूबर 2016 में नफे सिंह ने गिरोह के बारे में जानकारी देने के शक में विजय लाला की हत्या कर दी। उसके बाद स्पेशल सेल ने गैंगस्टर मंजीत महाल को गिरफ्तार कर लिया। इसी बीच जेल में बंद कपिल और ज्योति ने मंजीत महाल के पिता श्रीकृष्ण की हत्या करवा दी। 
 
7. मंजीत ने अपने पिता की हत्या के जिम्मेदार कपिल गैंग के दो बदमाश विक्रांत गुलिया और दिनेा उर्फ मंगू पहलवान की हत्या करवा दी। 
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