छात्रा अगले गेट से चढ़कर दूसरी महिला सीट पर बैठ गई। छात्रा के बैठते ही करीब 40 वर्षीय शख्स उसके बराबर में आकर बैठ गया और छात्रा के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी।
आरोपी की हरकत देखकर छात्रा ने शोर मचाना शुरू कर दिया। बस में उस समय करीब 20 से 25 लोग मौजूद थे। छात्रा का आरोप है कि किसी भी यात्री ने उसकी मदद नहीं की। आखिर छात्रा ने साहस जुटाकर अपने मोबाइल फोन से आरोपी की हरकत का वीडियो बनाना शुरू कर दिया।
छात्रा के मुताबिक आरापी आईआईटी के बस स्टैंड पर उतरकर चला गया। पीड़िता अपने घर पहुंची। छात्रा ने घटना का वीडियो अपने ट्विटर पर टैग करते हुए वीडियो मुख्यमंत्री, दिल्ली पुलिस आयुक्त, महिला आयोग व अन्य लोगों को टैग कर दिया।
पीड़िता का आरोप है कि तीन दिन बीत जाने के बाद महिला आयोग की टीम ने उससे संपर्क किया। महिला आयोग के कहने पर छात्रा शनिवार को वसंत विहार थाने पहुंची।
छात्रा का आरोप है कि उसे वहां पर छह घंटे तक बिठाया गया। मामले की जांच के दौरान एक महिला सिपाही ने उससे पूछा कि उसके साथ जो हरकत हुई क्या उसे किसी ने देखा है।
पीड़िता का आरोप है कि थाने में उससे अजीब-अजीब तरह के सवाल किए गए। पुलिसकर्मियों की बातों से लग रहा था कि वह मामला दर्ज करने को तैयार नहीं है, लेकिन बाद में मामला दर्ज कर लिया गया। हालांकि पांच दिन से अधिक बीत जाने के बाद भी आरोपी का सुराग नहीं लग पाया है।
"पीड़िता 10 फरवरी को थाने आई थी, उसकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई। छह घंटे थाने में बिठाए जाने की बात गलत है। कंप्यूटर में खराबी के कारण एफआईआर की कॉपी उसे नहीं मिल सकी, जिसकी वजह से उसे थाने रुकना पड़ा। हालांकि छात्रा से एफआईआर की कॉपी घर पहुंचाने के लिए कहा गया था। फिलहाल वीडियो के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है।" -मोनिका भारद्वाज, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, दक्षिण-पश्चिम जिला