दिल्ली की एक कोर्ट ने मंगलवार को उस व्यक्ति को 10 साल की कठोर सजा सुनाई है, जिसने अपनी 13 साल की सौतेली बेटी से रेप किया और उसे गर्भवती भी कर दिया था। डीएनए रिपोर्ट के अनुसार पिता और उस अजन्मे बच्चे के डीएनए एक ही है।
मूल रूप से बिहार का रहने वाला वह 33 साल दोषी पिता को एडिशनल सेशन जज रजनीश कुमार गुप्ता ने लड़की के साथ बलात्कार और जान से मारने की धमकी को लेकर दोषी ठहराया।
कोर्ट ने कहा कि लड़की के बयान को झुठलाया नहीं जा सकता है। अजन्मे बच्चे का डीएनए रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करने के लिए काफी है कि पिता ने नाबालिग लड़की के साथ जिस्मानी रिश्ता बनाया है, जिसके कारण वह गर्भवती हो गई थी।
कपड़े बदल रही लड़की के कमरे जाकर किया रेप
जज ने कहा कि लड़की का पुलिस को दिया गया बयान और डीएनए सैंपल एक दूसरे की बात की पुष्टि करते हैं। जज ने कहा कि 16 अगस्त 2011 को दिल्ली के ही उत्तम नगर में उसने लड़की के साथ ना केवल रेप किया बल्कि धमकी भी दी कि अगर उसने किसी को यह बात बताई तो वह उसे जान से मार देगा।
कोर्ट ने दोषी पिता पर 2000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। लड़की की ओर वकील ने बताया कि 16 अगस्त 2011 को जब लड़की स्कूल से घर लौटकर अपने कमरे में कपड़े बदलने गई तभी पिता कमरे में जाकर उससे बलात्कार किया।
जब लड़की ने मना किया और चिल्लाने लगी तो उसने उसका मुंह बंद कर दिया और उससे कहा कि अगर वह यह बात किसी को बताती है तो वह उसे जान से मार देगा।
बेटी ने डर के मारे मां को नहीं नानी को बताया
उसके बाद अगले तीन-चार महीनों तक वह उससे रेप करता रहा। इसी दौरान वह गर्भवती हो गई। तब जाकर उस नाबालिग लड़की ने अपनी नानी को यह बात बताई, जिसे उसकी नानी ने उसकी मां को यह बता दिया।
लड़की की मां ने अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और नाबालिग का मेडिकल करवाया गया। जिसके बाद उसे अबॉर्शन करवाया गया।
केस के दौरान उस व्यक्ति ने कोर्ट में कहा कि उसकी मां पैसों के लिए उस पर झूठे आरोप लगा रही है। आज कोर्ट में उस शख्स ने दया की याचिका फाइल की, जिसमें उसने कहा कि वह दिसंबर 2011 से जेल में बंद है और उसका पिछला कोई आपराधिक रिकार्ड भी नहीं है।