दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने ऑन डिमांड लग्जरी कारें चोरी करवाने वाले गैंग के दो बदमाशों को दबोचा है। दोनों ही आरोपी चोरी के वाहनों के खरीदार हैं। आरोपियों की पहचान तरनतारण, पंजाब निवासी मनिंदर सिंह और चेहारता, अमृतसर निवासी सुखदेव सिंह उर्फ राजन के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो फॉर्च्यूनर, पांच इनोवा, एक डस्टर, तीन हुंडई वर्ना, एक अर्टिका, दो स्विफ्ट डिजायर, चार स्विफ्ट और दो आई-20 कारें बरामद की हैं।
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त प्रवीर रंजन ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-एनसीआर में लग्जरी कारें चोरी होने की घटनाएं बढ़ी थी। लोकल पुलिस के अलावा डीसीपी मधुर वर्मा, एसीपी संजय सहरावत और इंस्पेक्टर नीरज चौधरी व अन्य की टीम ने छानबीन शुरू की।
मेरठ के बिट्टू और मामा चुराते थे कार
लग्जरी कार चोरी के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
जांच के दौरान टीम को पता चला कि पंजाब के सुखदेव सिंह और मनिंदर सिंह चोरी की लग्जरी कारों को खरीद रहे हैं। इन कारों पर इंश्योरेंस कंपनी से खरीदे गए टोटल लॉस गाड़ियों के पेपर के आधार पर नंबर चढ़ाकर उन्हें आगे बेच दिया जाता था।
सूचना जुटाने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को चार मार्च को करनाल बाईपास से चोरी की वर्ना कार में दबोच लिया। सुखदेव ने कार से उतरकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उसे भी दबोच लिया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 20 लग्जरी कारें बरामद की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया है कि इन लोगों ने अब तक चोरी की 100 से अधिक गाड़ियों के चेसिस और इंजन नंबर बदलकर ठिकाने लगा दिया है।
पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे लोग दुर्घटनाग्रस्त गाड़ियों के पेपर इंश्योरेंस कंपनी से हरियाणा के गुरदीप सिंह उर्फ काके की मदद से खरीद लेते थे। इसके बाद गाड़ी के पेपरों के आधार पर मेरठ के सोनू उर्फ बिट्टू और सोनू उर्फ मामा को चोरी करने वाली कार का विवरण भेज दिया जाता था।
उसके आधार पर मेरठ के दोनों बदमाश कार चोरी कर मनिंदर व सुखदेव को सौंप देते थे। इसके बाद मनिंदर व सुखदेव चोरी की कारों का इंजन नंबर व चेसिस नंबर बदलकर गुरुदासपुर के जगमोहन उर्फ मोना की मदद से अच्छे दामों में बेच देते थे।