मिर्जापुर गांव में 16 मार्च को मिली अज्ञात महिला की पहचान कर क्राइम ब्रांच ने उसकी हत्या की गुत्थी भी सुलझा ली। हत्या का शिकार हुई शास्त्री कॉलोनी निवासी अनुपमा को प्रेमी ने ही धोखा देकर मारा था।
वजह रही महिला का 50 गज का प्लॉट। प्रेमी नवीन शर्मा निवासी ज्योति कॉलोनी शाहदरा, दिल्ली यह प्लॉट अपने नाम करवाना चाहता था लेकिन अनुपमा इसके पहले शादी करने का दबाव बना रही थी। दबाव बढने पर नवीन ने दोस्त के साथ मिलकर उसे मार दिया और शव मिर्जापुर गांव में छोड़कर फरार हो गया था।
क्राइम ब्रांच बॉर्डर इंचार्ज विमल ने बताया कि नवीन शर्मा झोला छाप है और शाहदरा में क्लीनिक चलाता है। करीब ढाई साल पहले पति की पिटाई से लहूलुहान हुई अनुपमा नवीन के यहां मरहम पट्टी कराने पहुंची थी।
दोनों में दोस्ती हुई जो बाद में अवैध संबंधों में बदल गई
बच्ची से रेप और हत्या
- फोटो : demo
यहां से दोनों में दोस्ती हुई जो बाद में अवैध संबंधों में बदल गई। पुलिस हिरासत में मौजूद नवीन ने बताया कि प्रगाढ़ता बढने पर पता चला कि अनुपमा के नाम शास्त्री कॉलोनी में 50 गज का एक प्लॉट है।
यह प्लॉट वह अपने नाम करवाना चाहता था। अनुपमा भी पति और बच्चों को छोड़ उससे शादी करना चाहती थी। उसने अदालत में तलाक की अर्जी भी लगा दी थी। शादी शुदा नवीन इसके लिए तैयार नहीं था।
अनुपमा ने प्लॉट उसके नाम करने के लिए पहले शादी करने की शर्त रखी थी। शादी की बात पर दोनों में झगड़े होने लगे तो उसने अनुपमा की हत्या की साजिश रच डाली।
छह माह पहले बनाया प्लान
हत्या
पुलिस उस तक नहीं पहुंच सके इसलिए नवीन शर्मा ने शातिर रणनीति बनाई थी। छह माह पूर्व उसने फर्जी आईडी पर सिम लिया और एक नया फोन। इस फोन और सिम से वह सिर्फ अनुपमा से बात करता था।
गला कसने के लिए चार दिन पहले ही उसने क्लीनिक के पास स्थित एक बिजजी की दुकान से तार खरीदा था। 14 मार्च का उसने इसी फोन से कॉल कर अनुपमा को दिल्ली बुलाया था। दोनों रात में वहीं रुके थे। पुलिस अनुपमा की कॉल डिटेल के सहारे ही नवीन तक पहुंची थी।
कोल्ड ड्रिंक में बेहोश की दवा पिलाई
15 मार्च को नवीन ने अपने दोस्त आबिद को भी दिल्ली बुला लिया। दोपहर बाद दोनों उसे कार में बैठा कर फरीदाबाद की ओर चले। शाम पांच बजे के करीब बदरपुर बॉर्डर पर नवीन ने कोल्डड्रिंक में बेहोशी की दस गोलियां मिलाकर अनुपमा को पिला दीं। सेक्टर 19 स्थित वर्धमान मॉल के पास अनुपमा बेहोश हो चुकी थी। यहां सड़क किनारे कार रोक कर नवीन ने दोस्त आबिद की मदद से उसका गला कस दिया। उसकी सांसे और दिल की धड़कन थम गई है या नहीं उसने बाकायदा एक डॉक्टर की तरह नब्ज देख कर चेक किया था। मौत निश्चित होने पर ही शव को नाले में फेक कर भागे थे।