गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में स्वीमिंग पूल में नहाने को लेकर हुए झगड़े ने इस कदर तूल पकड़ा कि हल्ला ‘लव जेहाद’ का मच गया। हालांकि पुलिस छानबीन में आया कि जिन युवक को लोग संप्रदाय विशेष का बता रहे थे, वह उस संप्रदाय का नहीं था।
न ही उसके साथ रहने वाली लड़की उसकी गर्लफ्रेंड थी, वह उसकी बहन निकली। तब जाकर लोग शांत हुए। हालांकि सिहानी गेट कोतवाली पुलिस ने बुधवार को शांतिभंग में युवक और उसके दोस्त का चालान कर दिया।
एसएचओ अशोक सिसौदिया ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन में हेमंत कुमार भाई और बहन के साथ रहता है। मंगलवार रात स्वीमिंग पूल में नहाते हुए हेमंत कुमार की एक व्यक्ति से कहासुनी हो गई थी।
मामला मारपीट तक पहुंच गया। बचाव में हेमंत से मिलने आया दोस्त अतहर निवासी दिल्ली भी आ गया। बकौल एसएचओ, इस दौरान हल्ला मच गया कि ये सब एक ही संप्रदाय विशेष के हैं और नाम बदलकर यहां रह रहे हैं।
लव जेहाद: मोबाइल से खुली पति की पोल
लगुन चढ़ी, गाजेबाजे से बारात आई और सात फेरे लेकर मुस्लिम युवक ने सात जन्मों तक पत्नी का साथ निभाने की कसमें भी खाईं। इसके बाद वह चार महीने तक ससुराल में घर जमाई बनकर रहता रहा। मंगलवार को पति के मोबाइल पर फीड नंबरों पर फोन करने पर पत्नी को पता लगा कि उसका पति मुस्लिम है तो हंगामा हो गया। युवती की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। लव जेहाद का यह सनसनीखेज मामला संभल के नखासा थाना क्षेत्र के एक गांव का है।
नखासा थाना क्षेत्र में हिंदू रीति रिवाज से शादी करने वाला युवक चार महीने से घर जमाई बनकर रहा था। पिछले दो महीने से वह युवती को दिल्ली ले जाने का प्रयास कर रहा था और दो हफ्तों से तो दिल्ली नहीं चलने पर उसने उसे छोड़ देने की धमकी भी देनी शुरू कर दी थी। इसी बीच एक फोन नंबर से युवती को अपने पति की असलियत का पता चला गया। युवती ग्रेजुएट है जबकि बब्बू आठवीं पास है।
रिठाली और मनौटा के बीच की दूरी सिर्फ बारह किमी है। हैरत की बात है कि गाजेबाजे के साथ बारात आई, दावत हुई, सैकड़ो लोग शादी में शामिल हुई, यह दीगर बात है कि दूल्हा बने बब्बू के माता पिता भाई कोई शामिल नहीं था, सिर्फ यार दोस्त ही बाराती थे लेकिन फिर भी उसकी पहचान कोई नहीं कर सका। इसके बाद चार महीने से वह लगातार ससुराल में रिठाली रह रहा था, फिर भी किसी ने नहीं पहचाना।
यूं तो बब्बू अपनी पत्नी को दिल्ली ले जाने के लिए दो महीने से कह रहा था लेकिन दो हफ्ते से अधिक दबाव बनाने लगा। एक दिन रात को आई फोनकॉल से उसे शक हुआ। उसी नंबर पर फोन करके पूछताछ की तो सारा चिट्ठी खुल गया। पता लगा कि बब्बू का घर तो मनौटा में है लेकिन उसके परिजन दिल्ली में ही रहते हैं। वह उन्हीं के पास उसे भी ले जाकर रहने की योजना बना रहा है।