नोटबंदी के बाद परेशान एक आईटी कंसल्टेंट को एक परिचित से लाखों रुपये घर पर होने की बात कहना महंगा पड़ा। परिचित ने बैंक में रुपये जमा करवाने का आश्वासन देकर उसे अपने जाल में फंसाया और फिर अपने सहयोगियों के साथ जान से मारने की धमकी देकर उससे 45 लाख रुपये लूट लिए।
आईटी कंसल्टेंट ने काफी दिनों के बाद इसकी शिकायत पंजाबी बाग थाने में की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक वरूण मोहन परिवार के साथ रोहिणी सेक्टर तीन में रहते हैं। वरुण ने पंजाबी बाग थाने में 45 लाख लूटे जाने की शिकायत दी है।
शिकायत में उसने कहा है कि नोटबंदी की घोषणा के समय उनके पास 45 लाख रुपये थे। वह अकेले रुपये लेकर बैंक में नहीं जाना चाहते थे। उन्होंने अपने एक परिचित कनॉट प्लेस निवासी केशव को इस बारे में बताया। केशव को पता था कि वरुण का अकाउंट रायसीना रोड स्थित कैनरा बैंक में है।
केशव ने बताया कि मैनेजर से बात हो गई है वह रुपये को जमा करवा देगा। तयशुदा कार्यक्रम के तहत 14 नवंबर को वरुण कार की डिग्गी में कैश लेकर पंजाबी बाग लालबत्ती पर पहुंचा। जहां उसकी मुलाकात केशव और उसके सहयोगी मनीष से हुई। दोनों कार में सवार हो गए।
उसने बताया कि मनीष रुपये बदलवा देगा। फिर दोनों उसे कुछ दूरी पर स्थित गुरुद्वारा के पास कार रोकने के लिए कहा। जहां केशव ने फोन कर कुछ युवकों को बुलाया। युवकों के आने के बाद केशव और मनीष ने वरुण पर पिस्टल तान दिया और जान से मारने की धमकी देकर सारे रुपये निकाल लिए। युवक रुपये लेकर चले गए।
वरुण का आरोप है कि केशव व मनीष ने उसके शरीर पर पेट्रोल डाल दिया और सुनसान जगह पर ले जाकर जान से मारने की बात कही। यह सुनकर वरुण रोने लगा और जान बख्श देने की गुहार लगाने लगा। केशव ने उसे पुलिस से शिकायत करने पर पूरे परिवार की हत्या करने की धमकी देकर छोड़कर चला गया।
इस घटना से वरुण काफी सदमे में था। किसी तरह साहस कर वह 30 नवंबर को पंजाबी बाग थाने पहुंचकर इसकी शिकायत की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।