फर्नीचर शोरूम मालिक को पिस्टल दिखा कर बदमाशों ने कार, नगदी व मोबाइल फोन लूट लिया। सूचना मिलने के आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
जानकारी के मुताबिक, सेक्टर-10 के डी ब्लाक में इंदिरापुरम गाजियाबाद निवासी श्याम त्रिपाठी का फर्नीचर शोरूम है। बुधवार रात वे शोरूम बंद कर अपने घर जाने के लिए निकले।
स्विफ्ट डिजायर कार में बैठने के दौरान अचानक दो युवक उनके पास पहुंचे। एक युवक ने उन पर पिस्टल तान दी और उनकी कार की चाभी छीन ली।
कार में बैठाकर ले गए मॉल
बदमाशों ने उन्हें कार में बैठा लिया और स्पाइस मॉल के पास ले गए गए। वहां उनसे मोबाइल फोन व 52 हजार रुपये कैश, लैपटॉप, सोने की चेन व अंगूठी लूट कर उन्हें कार से उतार कर भाग निकले।
घटना की सूचना श्याम ने एक राहगीर की मदद से पुलिस कंट्रोल रूम को दी। आरोप है कि सूचना देने के आधे घंटे बाद थाना सेक्टर-20 पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन बदमाशों की तलाश का कोई प्रयास नहीं किया।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि ऐसा लगता है कि बदमाशों ने रेकी कर वारदात को अंजाम दिया है। बदमाशों को पता होगा कि वे कितने बजे घर से निकलते हैं और कब घर वापस जाते हैं।
पहले भी हो चुकी है लूट
पीड़ित श्याम ने बताया कि इससे पहले भी उनसे तीन बार लूटपाट की वारदात हो चुकी हैं। दिसंबर 2009 में सेक्टर-12 के पैराडाइज होटल के पास बदमाशों ने उनकी वैगनआर कार, कैश और गोल्ड ज्चेलरी लूट ली थी।
बदमाशों से भिड़ने पर उन पर तमंचे के बट से हमला किया गया। इसके चलते उनकी दाईं आंख खराब हो गई थी। दूसरी बार सितंबर 2011 में स्पाइस मॉल के पास ही बाइक सवार बदमाशों ने उनसे गन प्वाइंट पर सोने की चेन और मोबाइल फोन लूटा था।
वहीं, फरवरी 2012 में इंदिरापुरम में उनके शोरूम के बाहर बदमाशों ने 50 लाख रुपये रंगदारी नहीं देने पर फायरिंग कर दी थी।
घर जाने के लिए बदमाशों से मांगे पैसे
श्याम ने बताया कि बदमाशों ने उनकी चांदी की अंगूठियां उतरवा ली थीं। लेकिन बाद में वापस कर दी।
यही नहीं बदमाशों ने उन्हें पांच सौ रुपये भी दिए और उनका एक मोबाइल फोन लौटा दिया। लेकिन जब श्याम ने उनसे कहा कि पांच सौ रुपये में वे घर नहीं पहुंच पाएंगे तो बदमाशों ने उन्हें एक हजार रुपये दिए और वहां से गाड़ी लेकर फरार हो गए।