लोनी बवाल मामले में मंगलवार रात एसएसपी ने लालबाग चौकी इंचार्ज अनेक सिंह यादव और इंद्रापुरी चौकी प्रभारी भानुप्रताप सिंह को सस्पेंड कर दिया है। इनकी लापरवाही मानी गई है कि ये बवाल कंट्रोल नहीं कर सके।
इनके क्षेत्र में रहते हुए बवाल हो गया। हालांकि इनकेस्थान पर अभी किसी की तैनाती नहीं की गई है। बता दें कि सोमवार को लोनी में सबसे ज्यादा बवाल इन्हीं दो चौकी क्षेत्रों में हुआ था।
रविवार को हंगामा और आरोपी के घर तोड़फोड़ केबावजूद पुलिस सोमवार को लोगों का आक्रोश शांत नहीं कर सकी और लोग सड़कों पर उतर आए और बवाल किया।
बनेगी सांप्रदायिक विवादों की कुंडली
दो समुदायों के बीच चल रहे विवाद अब सांप्रदायिक रजिस्टर में दर्ज किए जाएंगे। रेंज के छह जिलों में यह व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है। इसकी शुरुआत मेरठ से होगी।
इसका खाका तय करने के लिए डीआईजी ने मोदीनगर और बागपत से सांप्रदायिक रजिस्टर मंगवाए हैं। रजिस्टर में त्योहार रजिस्टर की तर्ज पर तैयार किया जाएगा।
नई बात यह होगी कि इसमें संबंधित विवादित स्थल का फोटो, विवाद का संक्षिप्त विवरण, पुलिस और तहसील प्रशासन द्वारा अब तक की गई कार्रवाई का विवरण, संबंधित थानेदार और सर्किल अफसर के कथन के अलावा विवाद के निस्तारण के लिए प्रयासों को भी दर्ज किया जाएगा।
डीआईजी रेंज के. सत्यनारायणा ने बताया कि विवादों का फोटो सहित विवरण दर्ज होने और धार्मिक स्थलों से जुड़े पदाधिकारियों, संबंधित थानेदार की जिम्मेदारी तय होने से यह समझने में देर नहीं लगेगी कि गलती किससे हुई।
अफवाहों के बीच लोनी में तनावपूर्ण शांति
लोनी। अफवाहों के बीच लोनी में तनावपूर्ण शांति है। आशंकाओं के चलते लोग दहशत में भी हैं। मंगलवार को भी क्षेत्र में अफवाहों का बाजार गर्म रहा, लेकिन जनजीवन सामान्य रहा। बाजार रोजाना की तरह खुले। चप्पे चप्पे पर पुलिस, पीएसी और आरएएफ तैनात है।
डीआईजी, डीएम, एसएसपी समेत पुलिस प्रशासनिक अधिकारी लोनी में डेरा डाले हुए हैं। रविवार शाम क्षेत्र की एक कालोनी में साठ वर्षीय वृद्ध ने दूसरे संप्रदाय की दस वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था।
पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था। घटना को लेकर एक समुदाय में आक्रोश फैल गया था। सोमवार को बच्ची की मौत और आरोपी को छोड़ने की अफवाहों से लोनी में बवाल हुआ था।
मंगलवार को भी लोनी में तरह तरह की अफवाहें फैलीं। लेकिन इसका ज्यादा असर लोगों पर नहीं हुआ। हालांकि लोग उपद्रव को लेकर चर्चा करते भी नजर आए। उपद्रव के लिए कोई पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहा था तो कोई शरारती तत्वोें की हरकत बता रहा था।