रुपये जमा करने बैंक जा रहे एक व्यक्ति से स्विफ्ट में सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने 10.90 लाख रुपयों से भरा बैग छीन लिया। विरोध करने पर बदमाशों ने उस पर पर दो गोलियां भी दागीं, एक गोली उसके सिर को छूती हुई निकल गई।
घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना सेक्टर नौ में सोमवार को दिनदहाड़े हुई। मामले की जांच के लिए दो सीआईए टीम लगाई गई हैं।
सेक्टर नौ में रहने वाले राजेंद्र शेखावत एक दूध कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर हैं। सोमवार को उन्होंने अपनी कार के चालक जय प्रकाश को 10.90 लाख रुपये देकर सेक्टर 9 स्थित एचडीएफसी बैंक में जमा करवाने भेजा था।
पार्क के कोने पर स्विफ्ट कार खड़ी थी
दिनदहाड़े लूट
- फोटो : अमर उजाला
जयप्रकाश की मदद के लिए उन्होंने भरत नाम के कर्मचारी को साथ भेजा था। बैंक पास में होने की वजह से दोनों पैदल ही एक पार्क से होते हुए मुख्य सड़क पर पहुंचे। पार्क के कोने पर सफेद रंग की स्विफ्ट कार खड़ी थी। इसमें चार नकाबपोश बैठे थे।
पास पहुंचते ही कार में बैठे एक नकाबपोश ने जय प्रकाश के रुपयों से भरे बैग पर झपट्टा मारा। मजबूती से पकड़े होने की वजह से जय प्रकाश ने बैग नहीं छोड़ा। बदमाशों ने कार चला दी और बैग छुड़ाने के लिए बदमाश ने उसके हाथ और सिर पर डंडे से वार किया।
इस दौरान एक और बदमाश ने दो गोलियां चलाईं। एक गोली जय प्रकाश के सिर को छूते हुए निकल गई। सिर पर डंडा लगने से वह बेहोश होकर गिर पड़ा और बदमाश बैग लेकर फरार हो गए।
कार में लगाई फर्जी नंबर प्लेट
दिनदहाड़े लूट
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मदद के लिए दौड़े साथी भरत ने कार पर पत्थर बरसाए लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। भरत ने मालिक और 100 नंबर पर वारदात की सूचना दी। थोड़ी ही देर में डीसीपी बल्लभगढ़ भूपिंदर सिंह, एसीपी क्राइम राजेश फोगाट और सेक्टर 11 चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे।
घायल जय प्रकाश को अस्पताल में भर्ती कराया गया। डीसीपी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बदमाशों की तलाश के लिए क्राइम ब्रांच सेक्टर 30 और क्राइम ब्रांच सेक्टर 48 की टीमें लगाई गई हैं। घटना में इस्तेमाल हुई सफेद रंग की स्विफ्ट कार में फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी।
भरत के मुताबिक बदमाशों की कार चर्च वाली रोड की ओर गई थी। इस आधार पर पुलिस ने उस रूट के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। सड़क पर लगे दो कैमरों में कार की तस्वीर कैद हुई है। इसमें प्लेट एचआर 51 सीए 7486 नंबर लिखा हुआ पाया गया। सीआईए 30 के मुताबिक जांच में यह नंबर फर्जी पाया गया। फिलहाल बदमाशों के भागने वाले रूट को खंगाला जा रहा है।
नंबर प्लेट से मिल सकता है सुराग
पुलिस सूत्रों के मुताबिक बदमाशों ने कार की प्लेट में छेड़छाड़ कर नंबरों में हेराफेरी की है। पहली नजर में 51 का 1 और सीए का ए हाथ से बनाया नजर आ रहा है। इसी तरह 7486 में 7 के साथ छेड़छाड़ की गई है। बाकी के नंबरों में जोड़ तोड़ कर पुलिस असली कार तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
दूध वितरक के घर से रोज ही कई लाख रुपये बैंक में जमा करवाने भिजवाए जाते हैं इसकी जानकारी बदमाशों को थी। बदमाशों को तो यह भी मालूम था कि रुपये जमा करवाने के लिए कर्मचारी कौन सा रास्ता इस्तेमाल कर बैंक तक जाते हैं। यही वजह है कि बदमाश पार्क के बाहर खड़े होकर जय प्रकाश का इंतजार कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक बदमाशों ने रेकी कर पूरी जानकारी इकट्ठा की होगी।
पुलिस के मुताबिक राजेंद्र सिंह के यहां से बैंक में कैश जमा करवाने के लिए अमूमन चार पांच लोग साथ जाते थे। सोमवार को सिर्फ जय प्रकाश और भरत ही रुपये जमा करवाने के लिए निकले थे। बदमाशों को यह जानकारी कैसे हुई कि सोमवार को सिर्फ दो लोग ही होंगे।