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किडनी रैकेट के कई वर्षों से चलने का शक, दिल्ली पुलिस ने मांगा ट्रांसप्लांट का रिकॉर्ड

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किड़नी रैकेट - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली पुलिस को संदेह है कि अपोलो में किडनी रैकेट कई वर्षों से चल रहा था। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को अपोलो अस्पताल प्रशासन को नोटिस भेजकर पिछले कई वर्षों में की गई किडनी ट्रांसप्लांट का रिकार्ड मांगा है।
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नोटिस में कहा है कि किडनी ट्रांसप्लांट की सारी फाइलें व कागजात को सुरक्षित रखा जाए और जल्द से जल्द दिल्ली पुलिस को दिए जाए।

जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच में ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिनसे लग रहा है कि पिछले कई वर्षों से अपोलो अस्पताल में किडनी रैकेट का गोरखधंधा चल रहा था।

एक पुलिस अधिकारी का ये भी कहना है कि इससे पहले नोटिस भेजकर जनवरी, 2016 तक का रिकार्ड मांगा गया था। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं जिससे पुरानी केसों को वेरिफाई करना जरूरी है।
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किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले डॉक्टरों से होगी पूछताछ

किड़नी रैकेट - फोटो : अमर उजाला
पुलिस किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले डॉक्टरों से जल्द ही पूछताछ करेगी। डॉ. एसके सरीन 10 जून तक छुट्टी पर है। छुट्टी से वापस आने पर उनसे पूछताछ की जाएगी।

दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि कानपुर के रहने वाले किडनी प्राप्तकर्ता मुकेश ने फर्जी कागजात लगाए थे। किडनी ट्रांसप्लांट के समय मुकेश ने अपना नाम व पता गलत लिखा था।

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि मुकेश ने फर्जी कागजात का सहारा क्यों लिया था। पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि मुकेश से अपोलो अस्पताल के स्टाफ ने संपर्क किया था। उसके लिए किडनी डोनर का प्रबंध अपोलो अस्पताल के स्टाफ ने किडनी रैकेट मास्टरमाइंड राजकुमार के साथ मिलकर किया था।
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