बम्हैटा में हुए कपिल हत्याकांड का मुख्य आरोपी दिव्यांश उर्फ कुक्कू नाबालिग नहीं है। किशोर न्याय बोर्ड ने सीबीएसई की दसवीं की मार्कशीट के आधार पर उसे बालिग करार दिया है।
इसके साथ ही किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट ओमप्रकाश अष्टम ने आदेश दिया है कि दिव्यांश को 22 अक्तूबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया जाए।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अनीस चौधरी के अनुसार कपिल त्यागी हत्याकांड के मुख्य आरोपी दिव्यांश उर्फ कुक्कू की मां ने शपथ पत्र देकर उसे किशोर बताया था। उन्होंने उसकी जन्मतिथि 6 नवंबर 1997 बताई थी। चूंकि घटना 6 मई 2014 को हुई थी, लिहाजा इस हिसाब से कुक्कू की उम्र 16 वर्ष 6 माह बताई गई।
इसके लिए उसकी मेरठ के एक कालेज से हाईस्कूल उत्तीर्ण की एक मार्कशीट लगाई गई थी, जो फर्जी पाई गई। अनीस चौधरी ने बताया कि कुक्कू ने वर्ष 2009 में सीबीएसई बोर्ड से भी हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। इसके अंकपत्र में उसने अपनी जन्मतिथि 6 नवंबर 1993 अंकित की थी।