हत्या और लूट जैसे गंभीर अपराधों में शामिल बाल सुधार गृह से भागे दो अन्य आरोपियों को पुलिस अभी नहीं पकड़ पाई है। इनमें से एक आरोपी पर गंभीर अपराधों के 16 से अधिक मुकदमें विभिन्न थानोक्षेत्रों में दर्ज है।
उसी के साथ फरार हुआ बंगलादेशी पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए आसपास के जिलों की पुलिस से भी मदद ली जा रही है।
ज्ञात हो कि गत आठ अक्तूबर को रेलवे रोड एनआईटी स्थित बाल सुधार गृह से पांच युवक अधीक्षक को बंधक बनाकर फरार हो गए थे।
फरार होने वालों में पलवल के गांव मढनाका निवासी बिजेंद्र, फतेहपुर बिल्लौच निवासी पवन, कालिंगा भिवानी निवासी सागर, इंद्रिरा कॉलोनी गुडग़ांव निवासी गौतम उर्फ गोलू और मोहम्मद परवेज निवासी बंगलादेश शामिल थे।
पुलिस और क्राइम ब्रांच ने जाल बिछाकर अगले दिन 9 अक्तूबर को बिजेंद्र, सागर और गौतम को गुडग़ांव क इफको चौक से उस वक्त गिरफ्तार कर लिया था जब तीनों एक साथ मिलकर किसी दुकान पर जूस पी रहे थे। लेकिन शातिर आरोपी पवन और
6 गंभीर मुकदमें दर्ज है पवन पर
बाल सुधार गृह के अधीक्षक दिनेश यादव के मुताबिक फतेहपुर बिल्लौच निवासी पवन पर विभिन्न गंभीर अपराधों के 16 मुकदमें दर्ज हैं।
जबकि मोहम्मद परवेज को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस पर पासपोर्ट एक्ट की धारा भी लगाई गई है। इनकी तलाश में पलवल, बुलंदशहर, अलीगढ़ समेत अन्य जिलों की पुलिस से भी मदद ली जा रही है। लेकिन घटना के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी दोनों का सुराग नहीं लग पाया है।