मेरी बेटी पूजा तिवारी ने खुदकुशी नहीं की बल्कि उसकी हत्या हुई है। पुलिस ने इंस्पेक्टर अमित को बचाने की नीयत से लचर जांच की है, इसका उदाहरण है कि पुलिस अभी तक पूजा का मोबाइल और टैब बरामद नहीं कर पाई है।
पुलिस ने सुबूत भी ठीक से इकट्ठा नहीं किए। अब सिर्फ सीबीआई जांच से ही सच्चाई सामने आएगी। हम घटना की सीबीआई जांच की मांग करते हैं। यदि एक माह में जांच शुरू नहीं कराई गई तो पूजा की मां आशा तिवारी इंडिया गेट पर आत्मदाह करेंगी। पत्रकार पूजा तिवारी के पिता रवि तिवारी ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में पुलिस पर यह आरोप लगाते हुए मांगे रखीं।
मालूम हो कि पत्रकार पूजा तिवारी की एक मई की रात सेक्टर 46 सद्भावना अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल के फ्लैट से संदिग्ध हालात में गिरने से मौत हो गई थी। शनिवार को सेक्टर 16 स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता में पूजा के पिता इंदौर निवासी रवि तिवारी ने बताया कि वह शुक्रवार को एसआईटी प्रमुख एसीपी आस्था मोदी से मिलने आए थे लेकिन वह नहीं मिलीं।
पुलिस आयुक्त, डीसीपी एनआईटी यहां तक कि सूरजकुंड थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने भी उनसे मिलना सही नहीं समझा। उन्होंने पुलिस जांच पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि विभागीय कर्मचारी को बचाने के लिए पुलिस लापरवाही से जांच कर रही है।
अमरीन खान पर बयान बदलने का किया दावा
pooja tiwari suicide
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने दावा किया कि मौके पर मौजूद अमरीन खान बार-बार अपने बयान बदल रही है, लेकिन पुलिस उससे पूछताछ करने के बजाय चंद मिनट में लिखित बयान दर्ज कर लेती है।
फोरेंसिक जांच पर भी सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि पूजा का शव बालकनी से इतनी दूर कैसे पहुंचा, यदि वह नीचे के फ्लैटों की रेलिंग से उलझी तो उनकी जांच क्यों नहीं की गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाए कि पुलिस 90 दिन के भीतर चार्जशीट नहीं दाखिल करेगी ताकि सीबीआई को जांच नहीं सौंपी जाए। उन्होंने डॉ. अनिल गोयल दंपति और डॉ. धवल सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर भी नाराजगी जाहिर की। मालूम हो कि पूजा ने डॉ. धवल का स्टिंग ऑपरेशन किया था।
रवि तिवारी के मुताबिक बेटी ने सच्चा स्टिंग किया था पुलिस को इसकी जांच कर आरोपी डॉ. धवल और महिला डॉक्टर को गिरफ्तार करना चाहिए। रवि तिवारी ने स्थानीय न्यूज पोर्टल चलाने वाले एक पत्रकार पर भी पूजा का शोषण करने का आरोप लगाते हुए उसकी भूमिका की जांच करने की मांग की। उनका आरोप था कि पूजा के इस कथित पत्रकार भाई और इंस्पेक्टर अमित ने मिलकर डॉक्टर दंपति से पैसा खाया और बेटी पर केस खत्म करने का दबाव बना रहे थे।