वैशाली सेक्टर-4 स्थित महागुन मोजैक सोसायटी की बेसमेंट पार्किंग में सोमवार रात मृत पाई गईं राज्यसभा टीवी प्रोड्यूसर (पत्रकार) मिलिता दत्ता मंडल के घटना वाले दिन ऑफिस से नदारद रहने की चर्चा पुलिस जांच में सामने आ रही है।
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पुलिस अपनी सूचना के आधार पर इसकी पूरी पड़ताल करेगी। मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो राज्यसभा टीवी में कार्यरत मिलिता के सहकर्मियों से कुछ जानकारी मिली है।
चार दिन बाद भी नहीं आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट
गत 21 जुलाई की दोपहर मिलिता की ऑफिस में एंट्री है और रात में आउट एंट्री भी है। पुलिस को आउटपुट डिपार्टमेंट से ये जानकारी मिलने की चर्चा सामने आई है कि वे दिनभर आफिस से नदारद थीं।
सुबह एंट्री करने के बाद वह चली गई थीं। वह रात में लौटीं और आउट एंट्री करके घर चली गईं। घटना को चार दिन बीतने के बाद भी पुलिस को कोई पुख्ता सुराग हाथ नहीं लगा है, एसएसपी ने जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है।
एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि अब क्राइम ब्रांच मामले की जांच करेगी। मिलिता की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी नहीं आई है। इसे आने में दो-तीन दिन और लगने की संभावना है। इसके बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे और जांच में तेजी आएगी।
मेड कविता से भी नहीं मिली थीं मिलिता
मिलिता के यहां दोपहर को काम करने आई मेड मिलिता ने बताया कि वह रोज करीब साढ़े बारह बजे के आसपास उनके घर जाती थी। ज्यादातर दिनों में मिलिता उसे घर पर ही मिलती थी।
मगर घटना की दोपहर वह घर पर नहीं थी। इससे साफ है कि सोमवार को वह जल्दी घर से निकल गई थीं। पुलिस इसकी जांच कर रही है कि मिलिता घर से जल्दी क्यों निकलीं? जांच में मदद करने के लिए पुलिस ने परिजनों को नोटिस जारी की थी।
इसके बाद बृहस्पतिवार देर रात मिलिता के पति और अन्य परिजन थाना इंदिरापुरम पहुंचे। एसएचओ राशिद अली ने बताया कि परिजनों ने जांच में पूरा सहयोग करने की बात कही है। सभी को नोटिस दे दिए गए हैं। बृहस्पतिवार को परिजनों से किसी प्रकार की पूछताछ नहीं की गई है।
चार दिन में भी नहीं खुल सका आईफोन का लॉक
घटना के बाद ही पुलिस ने मिलिता का आईफोन जांच के लिए ले लिया था। मगर चार दिन बीतने के बाद भी पुलिस इसका लॉक कोड नहीं तोड़ सकी है। पुलिस अब इसे एप्पल के सर्विस सेंटर भेजने की तैयारी कर रही है। मगर कोड तोड़ने के दौरान डाटा खोने का खतरा हो सकता है।
पूछताछ का अहम हिस्सा माने जा रहे महागुन मोजैक सोसायटी के दोनों गार्ड लौट आए हैं। एसएचओ ने बताया कि मनोज की तबीयत खराब थी, जिसके चलते वह गांव चला गया था। उससे फोन पर बात हो गई है। शनिवार को उसके भी बयान रिकॉर्ड किए जा सकते हैं। दूसरा गार्ड कमालुद्दीन भी ड्यूटी पर लौट आया है।
शनिवार को मिलिता के परिजनों को रिकॉर्डिड बयानों के लिए बुलाया गया है। परिजनों ने शनिवार को बयानों के लिए मौजूद रहने पर सहमति जताई है। मिलिता के पति सूर्यज्योति, सास, स्थायी मेड मीनू और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बयान क्राइम ब्रांच की टीम रिकॉर्ड करेगी। इन रिकॉर्डिड बयानों के आधार पर पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ाएगी।
पति के चिल्लाने पर पहुंचा था गार्ड
मिलिता दत्ता मंडल के पति ही सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे थे। बेसमेंट पार्किंग से पति सूर्य ज्योति मंडल के चिल्लाने पर गार्ड मनोज घटनास्थल पर पहुंचा था।
मनोज का कहना है कि उसने गिरने की कोई आवाज नहीं सुनी थी। अभी तक पुलिस जांच में बताया जा रहा था कि सबसे पहले गार्ड मनोज मौके पर पहुंचा था।
अमर उजाला की पड़ताल में गार्ड मनोज ने बताया कि घटना की रात वह सोसायटी गेट पर ड्यूटी कर रहा था। मिलिता के पति के चिल्लाने की आवाज सुनकर वह बेसमेंट पार्किंग में गया था।
चश्मदीद नहीं है गार्ड
मिलिता की मौत के बाद से दो दिन से छुट्टी पर चल रहा गार्ड मनोज शुक्रवार को ड्यूटी पर लौट आया। मनोज ने अमर उजाला को बताया कि सोमवार की रात करीब 11:45 बजे उसने बेसमेंट से चिल्लाने की आवाज सुनी।
वह बेसमेंट पार्किंग की ओर भागा, जहां सूर्य ज्योति मंडल सिक्योरिटी-सिक्योरिटी चिल्ला रहे थे। जमीन पर मिलिता दत्ता मंडल लहूलुहाल हालत में पड़ी थीं। उनके सिर से खून बह रहा था। पति ने उसके सामने ही अपनी मां को फोन मिलाया और मिलिता के पार्किंग में घायल पड़े होने की सूचना दी।
इसके बाद गार्ड की मदद से मिलिता को गाड़ी में डालकर वह अस्पताल के लिए रवाना हो गए। गार्ड ने बताया कि वह पुलिस को पूरी सच्चाई बता चुका है। बुखार के चलते वह दो दिन से छुट्टी पर था।