यौन शोषण पीड़ित छात्रा के निष्कासन पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा छात्रा को निष्कासित करने के लिये विश्वविद्यालय ने तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की छात्रा ने वार्डन पर यौन शोषण का आरोप लगाया था।
जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने जेएनयू के 30 मई के उस निर्णय पर रोक लगा दी है जिसमें छात्रा को एक सैमेस्टर के लिये निष्कासित करने का आदेश दिया गया था। कोर्ट ने कहा छात्रा को कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिये पर्याप्त समय नहीं दिया गया। ऐसा लगता है कि यह आदेश बिना किसी जांच के ही दे दिया गया।
कोर्ट ने यह फैसला छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुये दिया है। छात्रा की याचिका पर कोर्ट ने जेएनयू प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई के लिये 23 अगस्त की तारीख तय की है। तब तक जेएनयू प्रशासन का आदेश स्थगित रहेगा।