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जिगिषा घोष हत्याकांड: दो दोषियों की फांसी को उम्रकैद में बदला

Fri, 05 Jan 2018 09:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : amar ujala
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हाईकोर्ट ने जिगिषा घोष हत्याकांड मामले में दो दोषियों की फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया है। वहीं दूसरी ओर तीसरे दोषी की उम्रकैद की सजा को कायम रखा है। निचली अदालत ने अगस्त 2016 में दो दोषियों रवि कपूर व अमित शुक्ला को फांसी तो तीसरे दोषी बलजीत मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर व न्यायमूर्ति आईएस मेहता की खंडपीठ ने रवि कपूर व अमित शुक्ला के वकीलों की जिरह से सहमति जाहिर करते हुए इनकी सजा को घटाकर उम्रकैद में तब्दील कर दिया। मामला मार्च 2009 में आईटी एक्जीक्यूटिव जिगिषा घोष की हत्या से जुड़ा है।

दोषियों ने जिगिषा को वसंत कुंज स्थित घर के बाहर से अगवा कर उसकी हत्या कर दी थी। मृतका के शव को दोषियों ने फरीदाबाद के नजदीक सूरजकुंड के जंगलों में फेंक दिया था। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ इन दोषियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
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दूसरी ओर निचली अदालत ने फांसी की सजा पर मुहर के लिए मामले को हाईकोर्ट भेजा था। निचली अदालत ने कहा था कि इन दोषियों ने लूट के लिए जघन्य तरीके से हत्या को अंजाम दिया। बता दें कि पत्रकार सौम्या विश्वनाथन हत्या मामले में भी रवि कपूर आरोपी है।

यह मामला पिछले आठ साल से साकेत कोर्ट में चल रहा है। हाईकोर्ट में अपील पर जिरह करते हुए दोषियों ने कहा निचली अदालत ने उनके अपराध को गलत तरह से विरला माना है। इसलिए उन्हें सुनाई गई फांसी की सजा को खारिज किया जाए।

निचली अदालत ने जिगिषा घोष की हत्या के लिए14 जुलाई को रवि, अमित व बलजीत को दोषी ठहराया था। अदालत ने 22 अगस्त को रवि व अमित को फांसी तथा बलजीत मलिक को जेल में उसके अच्छे चालचलन व सुधार की संभावना के मद्देनजर उम्रकैद की सजा सुनाई थी। 

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