जैतपुर इलाके में बृहस्पतिवार रात को युवक दिलीप कुमार की गोली मारकर हत्या करने की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस संबंध में तीन बदमाशों को दबोचा है।
आरोपियों की पहचान मदनपुर खादर निवासी मोनू (27), विक्रम उर्फ विक्कू (19) और दीपक उर्फ गोली (18) के रूप में हुई है। पुलिस की मानें तो दिलीप पुलिस का मुखबिर था। आरोपियों को शक था कि दिलीप की मुखबिरी की वजह से वह गिरफ्तार हुए थे। पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी झपटमारी व लूटपाट करते हैं।
पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से झपटमारी और लूटपाट के 66 मामले सुलझाएं हैं। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और बाइक के अलावा 22 मोबाइल फोन, दो कैमरे व छह हैंडबैग बरामद हुए हैं।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त मंदीप सिंह रणधावा ने बताया कि दो जून को गौशाला, नाला रोड, मदनपुर खादर में पुलिस को झगड़े की कॉल मिली थी। मौके पर पहुंचने पर खून से लथपथ दिलीप नामक युवक मिला।
युवकों ने फोल कर घर से बुलाया
पुलिस
- फोटो : file photo
एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके सीने पर गोलियों के कई निशान थे। परिजनों ने बताया कि हत्या से पूर्व कुछ युवकों ने उसे फोन करके घर से बुलाया था।
पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर विक्रम उर्फ विक्कू को उसके घर से दबोच लिया। इसके बाद दीपक उर्फ गोली व बाद में मोनू को दबोचा गया। तीनों ने माना कि उन्होंने ही दिलीप की गोली मारकर हत्या की थी।
मोनू ने बताया कि उसका गैंग दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और पूर्वी जिले में झपटमारी और लूटपाट की वारदातों को अंजाम देता था। उन्हें शक था कि दिलीप उनकी गतिविधियों की जानकारियां पुलिस को पहुंचाता है।
कुछ माह पूर्व मोनू गिरफ्तार भी हुआ था। उसे शक था कि दिलीप की सूचना पर ही उसे गिरफ्तार किया गया था। जेल से बाहर आने के बाद मोनू ने दिलीप को खत्म करने की योजना बना ली।
घटना वाले दिन मोनू ने फोन कर दिलीप को मिलने के बहाने घर से बुलाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मोनू व उसके गैंग को पकड़ने पर दिल्ली में झपटमारी और लूटपाट की 66 वारदातों को सुलझाने का दावा किया है, पुलिस तीनों से और पूछताछ कर रही है।