न्यायखंड-3 में 50 वर्षीय आटो चालक प्रेम सागर ने शुक्रवार रात को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बेटे को घर से बाहर भेजकर आटो चालक ने यह कदम उठाया। परिजनों का कहना है कि एक दरोगा उन पर दबाव बना रहा था। इसी से तंग आकर ही प्रेम सागर ने यह कदम उठाया।
न्यायखंड-3 के फ्लैट संख्या 583 में आटो चालक प्रेम सागर (50) अपनी पत्नी प्रीति, बेटे आकाश और बेटी शिखा के साथ रहते थे। शुक्रवार शाम को उनकी पत्नी और बेटी कहीं बाहर गईं थीं।
घर में प्रेम सागर और बेटा ही थे। शाम करीब सात बजे उन्होंने बेटे आकाश को बाहर खेलने के लिए भेज दिया। कुछ देर बाद जब बेटा लौटा तो यह देखकर दंग रह गया कि प्रेम सागर का शव पंखे से झूल रहा था।
आकाश ने तुरंत मां और बहन को बुलाया। मृतक की पत्नी ने बताया कि उसका भाई गुल्लू पिछले दिनों एक लड़की के साथ गायब हो गया था। लड़की के परिजनों ने इस मामले में गुल्लू के खिलाफ एक अन्य थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
गुल्लू की गिरफ्तारी और लड़की की बरामदगी को लेकर पुलिस कई बार प्रेम सागर को पूछताछ के नाम पर परेशान कर रही थी। हालांकि परिजनों ने इस मामले में पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है।
एसएचओ इंदिरापुरम वीरेंद्र यादव का कहना है कि पुलिस उत्पीड़न वाली बात उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने पीड़ित परिजनों से तहरीर देने को कहा था, मगर उन्होंने कोई तहरीर नहीं दी।