पुलिस की वर्दी पहनकर तीन लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले लुटेरों को पुलिस ने शनिवार देर रात शिप्रा अंडरपास के पास से दबोच लिया।
दोनों के पास से लूटी गई तीन कार, पुलिस की वर्दी, दो तमंचे और चार कारतूस मिले हैं।
गैंग कोहरे का फायदा उठाकर कार रुकवाता था और पीड़ित को गन प्वाइंट पर लेकर लूटपाट करता था। हालांकि पुलिस अभी गैंग के तीन साथियों की तलाश कर रही है।
एसपी सिटी शिव हरि ने बताया कि 6 जनवरी को काला पत्थर और डाबर तिराहे पर पुलिस की वर्दी में बदमाशों ने दो वारदातें की थीं। शनिवार देर रात शिप्रा अंडरपास पर चेकिंग के दौरान वर्दी वाले गैंग के दो बदमाशों को दबोच लिया गया।
उनके पास से तमंचे और कारतूस मिले। पूछताछ में उन्होंने कार लूट की वारदात स्वीकारी है। आरोपी अमजद मुजफ्फर नगर और भूषण बड़ौत का है।
उन्होंने बताया कि टीएचए में हुई दोनों घटनाएं की थीं। गैंग का सरगना अजय उर्फ हिटलर, दीपक और पंकज भी उनके साथी हैं।
बदमाशों को पकड़ने वाली पुलिस टीम में इंदिरापुरम एसओ हरदयाल यादव, कांस्टेबल कुलवीर सिंह, नसीम अहमद आदि थे।
बता दें कि छह जनवरी को राजनगर निवासी मनोज सिंह चौहान और नोएडा सेक्टर-71 निवासी सतेंद्र सिंह से 60 हजार और कार लूटी।
इसी दिन दिल्ली के अशोक नगर निवासी इंजीनियर वरुण और सहकर्मी तैय्यब अली को लूटा था।
दिल्ली-नोएडा पुलिस से ली मदद
एसपी सिटी ने बताया कि नोएडा और दिल्ली पुलिस भी इन लुटेरों के पीछे थी। पिछले दिनों पुलिस ने इनोवा कार में भाग रहे इन लुटेरों का पीछा भी किया। मगर यह भाग निकले।
ऑन डिमांड लूटते थे कार
गिरोह का सरगना हिटलर कार खरीदने वालों के संपर्क में रहता था। जिस कार की डिमांड होती थी, उसे लूटा जाता था। मेरठ और प्रदेश के अन्य हिस्सों में कार को बेचा जाता था।