तौकीर ने इसके लिए सउदी अरब से पैसा जुटाया था। सेल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत के लादेन को साउदी अरब से दो वर्ष में करीब छह से सात लाख रुपये मिले थे। इन पैसों को वह भारत में खर्च कर वह आईएम को खड़ा कर रहा था।
इस रकम में से उसने आजमगढ़ के कुछ युवा व आसपास के युवाओं को काफी पैसे दिए थे। नेपाल में रहने के दौरान भी भारत के बॉर्डर इलाकों में आता रहता था। ये आजमगढ़ के अलावा आसपास के इलाकों में युवाओं के संपर्क में था। दिल्ली पुलिस इन युवाओं से संपर्क साधने की कोशिश कर रही है।
स्पेशल सेल के उक्त अधिकारी ने बताया कि उसने गुजरात में दंगों को रोकने के लिए बम धमाके किए थे। तौकीर ने खुलासा किया हैजब मुंबई में वर्ष 1993 में बम धमाके हुए थे तो उसके बाद मुंबई में दंगे नहीं हुए थे।
इस कारण उसने गुजरात में दंगों को रोकने के लिए बम धमाके किए थे। उस समय गुजरात में काफी दंगे हो रहे थे। तौकीन का मानना है कि दंगों से एक धर्म विशेष के लोग डर जाएंगे और वह दंगा नहीं करेंगे।
गुजरात में दंगों में एक धर्म विशेष के लोगों की ज्यादा मौत हुई थी। गुजरात में बम धमाके करने के बाद ये जबलपुर चला गया था। जबलपुर में इसने नकद कैश देकर एक टीवी खरीदा था और उस पर गुजरात में हुए बम धमाकों का मंजर देखा था।
वह बम धमाकों के बाद हुई तबाही को टीवी पर देखकर बहुत खुश हुआ था और उसने भटकल बंधुओं केअलावा आईएम के कई सदस्यों को बधाई दी थी।
कई राज्यों की पुलिस दिल्ली पहुंची
दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में मौजूद भारत के लादेन से पूछताछ करने के लिए कई राज्यों की पुलिस लोधी कॉलोनी स्थित स्पेशल सेल केकार्यालय पहुंच रही हैं। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को राजस्थान, मध्यप्रदेश व आंध्राप्रदेश की पुलिस टीमें दिल्ली पहुंची। गौरतलब है कि तौकीर कई राज्यों में बम धमाकों में बांछित है।