नई दिल्ली के इंद्रलोक के तुलसी नगर में इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने पड़ोस की निर्माणाधीन बिल्डिंग के मालिक जावेद (45) को गिरफ्तार कर लिया है।
ठेकेदार समेत बाकी आरोपियों की तलाश में सराय रोहिल्ला थाना पुलिस छापामारी कर रही है।
वहीं, रविवार को सब्जी मंडी मोर्चरी में दो महिलाओं व पांचों मासूम समेत सभी 10 लोगों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए गए।
काम में देरी बनी दुर्घटना की वजह
पुलिस के मुताबिक, छानबीन में पता चला है कि निर्माणाधीन इमारत दो भाइयों जावेद व आसिफ की थी। इसको जावेद अपने जीजा और ठेकेदार असलम के साथ मिलकर बना रहा था।
करीब दो माह पहले उन्होंने नींव खोदकर काम रोक दिया था। अब उन्होंने फिर से काम शुरू किया था। नईम ने कई बार जावेद से जल्दी काम निपटाने के लिए कहा था, लेकिन उसने अनसुना कर दिया।
निर्माण की वजह से हादसे वाली इमारत की बुनियाद कमजोर हो गई और वह जमींदोज हुई। रविवार को पुलिस ने जावेद को इलाके से दबोच लिया।
राजू को एक दिन बाद पता चला कि नहीं रही पत्नी
हादसे में घायल अब्दुल राशिद उर्फ राजू व मो. नईम को रविवार सुबह पत्नी और बच्चों की मौत का पता चला। नईम के बड़े भाई शमीम ने बताया कि परिवार की मौत की खबर मिलने पर नईम बार-बार बस यही कह रहा था कि पता नहीं उससे क्या गलती हो गई, जो खुदा ने उसे इतनी बड़ी सजा दी।
राजू का भी यही हाल है। नईम को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि राजू परिवार की मौत की खबर सुनने के बाद अस्पताल से जबरन डिस्चार्ज होकर घर आ गया।
हादसे में नईम की पत्नी रुबीना, बेटी अदीबा, बेटे आसिफ व रेहान (6) की मौत हो गई थी। वहीं, राजू की पत्नी शहाना, बेटा अब्दुल अदीब (7) और साहेबा की मौत हुई थी।
मृतक किए गए सुपुर्द-ए-खाक
पांच मासूम और दोनों महिलाओं के शव दोपहर को पोस्टमार्टम के बाद इंद्रलोक पहुंचे। नईम के पिता मास्टर शरीफ तो हादसे के बाद से सुधबुध ही खो बैठे हैं।
नईम हादसे के बाद से बदहवास है। यही हाल राजू और उसके परिवार के बाकी लोगों का भी है। दोपहर बाद मल्कागंज के कब्रिस्तान में रुबीना, अदीबा, आसिफ व रेहान को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
वहीं, शहाना, अदीब और साहेबा को सदर बाजार के पास कब्रिस्तान में दफनाया गया। इंद्रलोक के हजारों लोगों ने उनको अंतिम विदाई दी।
गांव का नाम रोशन करने आए थे राजधानी
इम्तियाज व एजाज गांव का नाम रोशन करने दिल्ली आए थे। एजाज के रिश्ते के भाई मो. निराले ने बताया कि इम्तियाज, एजाज और उजाले मौसेरे भाई थे। तीनों बिहार के छर्रापट्टी गांव, थाना मनीगाछी, दरभंगा के रहने वाले थे।
इम्तियाज मानेसर में नौकरी करता था, जबकि एजाज ने ग्रेटर नोएडा के एक कॉलेज में कुछ दिन पहले ही एडमिशन लिया था। इनके साथ तनवीर और एहतेशाम भी रहते थे।
हादसे के समय तनवीर दूध लेने गया हुआ था, जबकि एहतेशाम सुबह गुड़गांव अपनी जॉब पर निकल गया था। इम्तियाज, एजाज और उजाले के रिश्तेदार रविवार को दिल्ली पहुंचे। दोपहर बाद पोस्टमार्टम के बाद रिश्तेदार तीनों शव को लेकर दरभंगा, बिहार के लिए रवाना हो गए।