दिल्ली के तिमारपुर इलाके में बहन व पत्नी की हत्या मोहित ने ही की थी। पुलिस की पकड़ में आने के डर से उसने भी फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। दिल्ली पुलिस ने उसका शव कानपुर देहात के गांव सट्टी में खेतों में स्थित एक ट्यूबवैल से बरामद किया। मोहित की मौत के साथ ही ननद-भाभी की हत्या का राज भी दफन हो गया। वारदात के बाद प्रथम दृष्टया मोहित पर ही ननद-भाभी की हत्या का शक जताया जा रहा था।
सोमवार सुबह ही दिल्ली पुलिस की एक टीम आरोपी का पीछा करते हुए कानपुर देहात पहुंच गई। मंगलवार सुबह मोहित का शव ट्यूबवेल से बरामद हुआ। उसने अपनी पैंट से फंदा बनाकर खुदकुशी की। फंदा लगाने से पूर्व आरोपी ने जहरीला पदार्थ खाकर अपने हाथ की नस भी काटने का प्रयास किया। मृतक के पास से पत्नी प्रेमलता का मोबाइल फोन, खुद का आधार और वोटर आईकार्ड बरामद हुआ है।
प्रेमलता करती थी फोन पर लंबी बात
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार मोहित व प्रेमलता का विवाह करीब साढ़े तीन माह पूर्व हुआ था। मोहित 12वीं कक्षा पास था। वहीं प्रेमलता एमए किए हुए थी। ऐसे में दोनों के बीच शादी के कुछ ही दिनों बाद मनमुटाव हो गया था। पुलिस को प्रेमलता की सीडीआर से पता चला है कि वह एक नंबर पर लगातार लंबी-लंबी बात करती थी।
इसका पता मोहित को चल गया था। मोहित को शक था कि उसकी पत्नी के बातचीत करने वाले युवक से अवैध संबंध हैं। इसी बात पर दोनों के बीच झगड़ा होता था। पत्नी के चरित्र को लेकर मोहित ने अपने ससुर से भी बातचीत की थी। मोहित ने कई बार उसे बातचीत करते हुए पकड़ा भी था।
क्या था दोहरे हत्याकांड का पूरा मामला
तिमारपुर इलाके के एक मकान में सोमवार सुबह करीब 10.30 बजे सोनिया (22) व उसकी भाभी प्रेमलता का शव बरामद हुए थे। दोनों की चाकू से गला रेतकर व पेचकस से वारकर हत्या की हुई थी। सोनिया का पिता राजकुमार व उसका भाई साहिल एक सगाई समारोह में शामिल होने अपने गांव कानपुर देहात,ओरिया गांव गए हुए थे। सोनिया के पित्ते का ऑपरेशन हुआ था। उसकी देखभाल के लिए कुछ दिनों पूर्व ही राजकुमार ने अपने भांजे मोहित व उसकी पत्नी प्रेमलता को बुलाया हुआ था।