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पटना के प्रॉपर्टी डीलर की बेरहम हत्या में पुलिस ने दो बाउंसरों को धरा

Sun, 10 Dec 2017 10:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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patna property dealer murder - फोटो : अमर उजाला
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पटना के प्रॉपर्टी डीलर प्रवीण विश्वकर्मा की हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच डीएलएफ पुलिस ने दो बाउंसरों को उत्तम नगर, दिल्ली निवासी मोहित व अगवानपुर निवासी फिरोज को गिरफ्तार किया है।
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दोनों मुख्य आरोपी वरुण सिंह के निजी सुरक्षाकर्मी (पीएसओ) के तौर पर उसके साथ चलते थे। इस हत्याकांड में पुलिस वरुण सिंह सहित उसके पांच और पीएसओ की तलाश में छापेमारी कर रही है। हत्या के बाद सभी मुंबई भाग गए थे। फरार आरोपियों के पटना, मुंबई या फिर उत्तर प्रदेश में कहीं छिपे होने की आशंका है।

पटना निवासी प्रवीण ने कुछ माह पहले अपने पड़ोस में रहने वाले वरुण सिंह की जमीन का सौदा करवाया था। उसके बदले वरुण सिंह को डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया था। मगर अब वह प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं करा रहा था।
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प्रवीण उस पर लगातार रुपये वापस करने या रजिस्ट्री कराने के लिए दबाव डाल रहा था। गत 29 नवंबर की शाम वरुण ने प्रवीण को एक प्रॉपर्टी दिखवाने के बहाने दिल्ली बुलाया। वरुण ने उसकी जहाज की टिकट भी कराकर दी।
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मेट्रो स्टेशन के पास वरुण अपने बाउंसरों के साथ बैठा था

patna property dealer murder - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली एयरपोर्ट से प्रवीण मेट्रो में सवार होकर फरीदाबाद पहुंचा, जहां होटल पार्क प्लाजा में उसे ठहराया गया। पुलिस के अनुसार, रात करीब 11.30 बजे वरुण ने अपने एक पीएसओ को इनोवा कार में प्रवीण को होटल से लेने के लिए भेजा। वह खुद थोड़ी दूरी पर एक फॉरच्यूनर कार में बाकी बाउंसरों के साथ बैठा हुआ था।

प्रवीण की गाड़ी निकलते ही वरुण भी उसके पीछे-पीछे चलने लगा। प्लान के मुताबिक, सूरजकुंड-पाली रोड पर पहुंचते ही इनोवा के चालक ने लघु शंका के बहाने गाड़ी रोक दी। पीछे से फॉरच्यूनर गाड़ी में आ रहे वरुण सिंह व उसके बाउंसरों ने प्रवीण को कार में से उतारा और पहाड़ में अंदर जंगल की तरफ ले गए।

वहां उन्होंने उसे मारापीटा और उसकी टांगे तोड़ दी। इसके बाद वरुण सिंह ने रिवाल्वर निकाल कर उसके पेट में तीन गोलियां मार दी। सभी उसे मरा हुआ समझ कर वहां से फरार हो गए। सभी वहां से गाड़ियों में सवार होकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से मुंबई के लिए फ्लाइट पकड़ कर निकल गए।

​30 नवंबर को तड़के प्रवीण ने होश में आने पर अपने परिजनों को फोन करके बताया था कि वरुण ने उसे गोली मार दी और जंगल में फेंक दिया है। परिजन पुलिस के साथ जब तक उसे ढूंढते हुए सूरजकुंड-पाली रोड पर पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। 
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