स्वास्थ्य विभाग की सख्ती के बावजूद भ्रूण लिंग परीक्षण का धंधा बंद नहीं हो सका है। लिंग परीक्षण करने वाले अल्ट्रासाउंड सेंटर के संचालकों ने पकड़ से बचने के लिए काम का तरीका बदल लिया है।
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अब यह सेंटर सीधे किसी गर्भवती के भ्रूण का लिंग परीक्षण नहीं करते, इसके लिए बाकायदा एजेंट तैनात किए गए हैं। यह एजेंट दिल्ली-एनसीआर के शहरों में हैं और बाकायदा गर्भवती महिलाओं का डेटा भी तैयार रखते हैं।
मंगलवार को सरिता विहार में अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक और एजेंट के पकड़े जाने के बाद यह खुलासा हुआ।
पंद्रह से अधिक अल्ट्रासाउंड सेंटर
- फोटो : डेमो पिक
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत करने के साथ ही प्रदेश सरकार ने भ्रूण लिंग परीक्षण और गर्भपात की दवाओं की बिक्री पर सख्ती से प्रतिबंध लगा दिया था।
जून 2016 से स्वास्थ्य विभाग ने भ्रूण लिंग परीक्षण और मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (एमटीपी) किट की बिक्री के खिलाफ छापामारी अभियान चलाया।
विभाग की सख्ती की वजह से अधिकतर अल्ट्रासाउंड सेंटर दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर के इलाके में शिफ्ट कर गए। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर स्थित प्रह्लादपुर, बदरपुर और सूरजकुंड इलाकों में पंद्रह से अधिक अल्ट्रासाउंड सेंटर हैं।
15 से 25 हजार तक वसूलते हैं रकम
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक, इन सेंटरों के एजेंट दिल्ली, फरीदाबाद, पलवल, होडल, गुड़गांव, मेवात और हथीन सहित आसपास के जिलों में रहते हैं। यह एजेंट बाकायदा सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में आने वाली गर्भवती महिलाओं का रिकॉर्ड भी तैयार करते हैं।
यह एजेंट ऐसे दंपति से संपर्क बढ़ाते हैैं, जिनके यहां पहले से ही एक या दो बेटियां हैं और महिला फिर से गर्भवती है। सूत्रों के मुताबिक, यह एजेंट भ्रूण लिंग परीक्षण से लेकर कन्या होने पर गर्भपात कराने तक का ठेका लेते हैं। इसके लिए 15 से 25 हजार रुपये तक रकम वसूली जाती है।
वर्तमान में जिले में शिशु लिंग अनुपात 847 है, जो कि महिला-पुरुष लिंग अनुपात (874) से काफी कम है। 2011 जनगणना रिपोर्ट के मुताबिक, फरीदाबाद जिले में महिला-पुरुष लिंगानुपात 871 था। हालांकि स्वास्थ्य विभाग लगातार भ्रूण लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात पर सख्ती से अंकुश लगाए हुए है। यही वजह है कि महिला-पुरुष लिंगानुपात 2016 मेें बढ़कर 874 हो चुका है।
जुलाई 2016 : स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दिल्ली के सरिता विहार में भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्र पर मारा छापा।
जुलाई 2015 : दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर स्थित टीकरी गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक निजी नर्सिंग होम पर छापेमारी कर किया खुलासा।
जून 2015 : दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर स्थित प्रह्लादपुर स्थित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग ने छापा मारा था।
जून 2015 : बॉर्डर स्थिल सराय ख्वाजा स्थित चैरिटेबल ट्रस्ट के अल्ट्रासाउंड सेंटर में छापामारी कर किया था खुलासा।
भ्रूण लिंग परीक्षण और एमटीपी किट की बिक्री पर प्रतिबंध है। विभाग समय-समय पर छापामार कार्रवाई कर ऐसी प्रैक्टिस को रोकने का लगातार प्रयास कर रहा है। शहर के अल्ट्रासाउंड सेंटरों की भी रुटीन और रैंडम जांच कराई जाती है, कमी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
-डॉ. गुलशन अरोड़ा सीएमओ, फरीदाबाद