स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर यौन हिंसा का शिकार बनीं जेनयू की छात्राओं और उनके साथियों के सामने पकड़े गए आरोपियों की शिनाख्त परेड कराई जाएगी।
आरोपियों की शिनाख्त परेड के लिए पुलिस ने अदालत में अर्जी दाखिल की है। पुलिस ने पीड़िता छात्राओं के बयान भी दर्ज किए। छात्राओं के बयान दर्ज होने के बाद पुलिस निलंबित चल रहे एसआई सुरेश के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा कर सकते हैं।
रात साढ़े नौ बजे की है घटना
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मालूम हो कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की दो छात्राएं छह सहपाठियों के साथ 14 अगस्त की शाम अरावली पहाडिय़ों पर स्थित असोला वन्यजीव अभ्यारण्य की भारद्वाज झील घूमने आई थीं।
लौटते हुए रात के साढ़े नौ बजे गए थे। अभ्यारण्य के बाहर ही आठ नौ दबंग मनचलों ने दोनों छात्राओं और उनके सहपाठियों को घेर कर उनके साथ मारपीट और अश्लील हरकतें की थीं।
मनचलों ने छात्राओं से शारीरिक छेडख़ानी करने के साथ दुष्कर्म करने की नीयत से उनके कपड़े भी फाड़ दिए थे। गांव के ही अमित और आशीष की मदद से छात्राएं और उनके सहपाठी मनचलों के चुंगल से बच कर सूरजकुंड थाने पहुंचे थे।
एसआई सुरेश हुए माफीनामा लिखने को मजबूर
ईव टीजिंग
थाने में पीड़िताओं की रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय एसआई सुरेश ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। छात्राओं के पहनावे और देर शाम बाहर घूमने पर भी अभद्र टिप्पणियां करते हुए उन्हें माफीनामा लिखने को मजबूर किया था।
सूरजकुंड पुलिस की बेरुखी से आहत पीड़िताओं ने दिल्ली के वसंतकुंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। मामला मीडिया में चर्चित होने के बाद फरीदाबाद पुलिस हरकत में आई और शनिवार देर शाम चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
पकड़े गए सत्तू उर्फ सचिन, रेहडा उर्फ प्रमोद, कालू उर्फ दीपक और मोहरा उर्फ हरीश की पुलिस शिनाख्त परेड कराने की तैयारी की जा रही है। डीसीपी एनआईटी आस्था मोदी ने बताया कि कोर्ट से अनुमति लेकर पीड़ित पक्ष के सामने चारों की शिनाख्त परेड कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि पीड़ित छात्राओं के बयान भी कलमबंद किए गए हैं।