चार माह से ब्रजपाल की सुरक्षा को ध्यान में रखकर साजिश रची जा रही थी। भाजपा नेता के साथ चलने वाले गनर के कारण बड़ा गैंग तैयार किया गया था और बुलेट प्रूफ पजेरो के शीशे तोड़ने के लिए फॉरच्यूनर में कुल्हाड़ी और हथौड़ा भी रखे गए थे।
एसटीएफ एसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि 11 अगस्त को जब ब्रजपाल पर हमला हुआ था। उस दौरान वह स्कॉर्पियो में सवार थे। उनकी बुलेट प्रूफ पजेरो की विंड शील्ड का वाइपर काम नहीं कर रहा था।
इसी कारण वह स्कॉर्पियो में निकले थे। चर्चा थी कि बदमाशों ने पजेरो में सवार न होने की जानकारी मिलने पर हमला किया था। आरोपियों ने पजेरो का शीशा तोड़ने के लिए फॉरच्यूनर में हथौड़ा व कुल्हाड़ी रखे हुए थे।
आरोपियों की योजना थी कि दो लोग शीशे पर वार कर तोड़ देंगे और अन्य गोलियां चलाकर हमला करेंगे। गनर साथ होने की वजह से बड़ा गैंग बनाकर आधुनिक हथियारों से हमला किया गया था।