दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इग्नू के एमसीए व बीसीए के पेपर लीक होने की गुत्थी को सुलझा लिया है। इग्नू के बोकारो स्टील सेंटर, झारखंड में अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारी ने ही प्रश्नपत्र को लीक किया था। यह कर्मचारी ही पेपर लीक करने का मास्टरमाइंड है। अपराध शाखा ने कर्मचारी को उसके चार साथियों के साथ गिरफ्तार किया है।
आरोपी ने प्रश्नपत्रों को पेपर होने से एक दिन पहले ही लीक कर दिया था। पुलिस ने उन मोबाइल फोन को बरामद कर लिया है, जिनसे प्रश्नपत्रों की फोटो व्हाट्स ऐप के जरिए भेजी गई थी। शाखा की टीम ने पेपर लीक की गुत्थी को सुलझाने के लिए करीब 500 लोगों से पूछताछ की थी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने और प्रश्नपत्र तो लीक नहीं किए थे।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डा. एके सिंगला के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इग्नू में अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारी बोकारो, झारखंड निवासी देवशंकर(31), बंगलूरू से गिरफ्तार झारखंड निवासी विवेक कुमार शर्मा (27), संभल, यूपी निवासी अंकित सक्सेना (23), बीकानेर, राजस्थान निवासी मोहम्मद इकबाल (24) और गुरुग्राम निवासी जॉनसन हंस (30) के रूप में हुई। इग्नू के रजिस्ट्रार एसजी स्वामी ने नेबसराय थाने में आठ दिसंबर, 2018 को एमसीए थर्ड सेमेस्टर का एमसीएस-033 (उन्नत असतत गणित) दिसंबर, 2018 प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत दी थी।
ये पेपर नेपाल समेत पूरे देश में आठ दिसंबर, 2018 को होना था। उसे सात दिसंबर को दो विभिन्न आईडी से ई-मेल मिले। उसके साथ इग्नू के प्रश्नपत्र अटैच थे। नेबसराय थाने में मामला दर्ज किया गया। इससे पहले पांच दिसंबर को बीसीए थर्ड सेमेस्टर का पेपर लीक होने की शिकायत दी थी। ये पेपर व्हाट्स ऐप पर आया था। इस बाबत डाबडी थाने में मामला दर्ज किया गया था।
मामलों की गंभीरता को देखते हुए दोनों ही केसों की तफ्तीश अपराध शाखा को सौंप दी गई थी। अपराध शाखा में तैनात इंस्पेक्टर रिछपाल सिंह की टीम मामले की जांच कर रही थी। पुलिस टीम ने करीब 500 लोगों से पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने मास्टरमाइंड देवशंकर समेत सभी को गिरफ्तार कर लिया। बाकी आरोपी प्रश्नपत्रों को आगे बेचते थे।