फेज एक मयूर विहार की नहर के पास दिनेश और युवती मिल गए। आरोपियों ने चापड़ निकालकर दिनेश पर हमला कर दिया। युवती ने बीच-बचाव करते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग आ गए और एक पीसीआर वैन भी पहुंच गई।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों आरोपियों को काबू किया और जख्मी दिनेश और युवती को अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने दिनेश को मृत घोषित कर दिया, जबकि युवती का इलाज चल रहा है।
बदनामी का बदला लेने के लिए वारदात
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों ने गुनाह कबूल कर लिया है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि युवती के घर से भागने के बाद समाज में उनकी बदनामी हो रही थी। इसलिए उन्होंने बदला लेने का फैसला किया।
वह चापड़ लेकर दोनों की तलाश में जुट गए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोनों आरोपी एक जिम में काम करते हैं।
सूत्रों का कहना है कि परिजनों को दोनों के रिश्ते की जानकारी हो गई थी। इसीलिए युवती की शादी तय कर दी थी। चार दिन पहले युवती अपने सारे गहने और नकदी लेकर घर से फरार हो गई थी।
युवती व दिनेश को देखने के बाद रिंकू और शंकर पर खून सवार हो गया। वह दोनों की हत्या करना चाहते थे। उन्होंने पहले दिनेश पर चापड़ से हमला किया।
यह देखकर युवती दिनेश के बचाव में आई, लेकिन आरोपियों ने उस पर भी हमला कर दिया। युवती बचाव के लिए जोर जोर से चिल्लाने लगी। शोर सुनकर आसपास के लोग सामने आए, लेकिन कोई भी आरोपियों के सामने जाने की हिम्मत नहीं कर रहा था।
दिल्ली होमगार्ड में कार्यरत सोनू भीड़ देखकर वहां पहुंचा और युवती को आरोपियों के पास से खींचने की कोशिश करने लगा। आरोपी युवती पर हमला करने लगे।
सोनू को देखकर लोगों ने भी साहस दिखाया औैर आरोपियों पर पत्थर बरसाने लगे। सोनू ने किसी तरह युवती को निकाला और वहां पहुंची पीसीआर वैन में डालकर उसे अस्पताल ले गया।
शुरुआती जांच में पता चला है कि दिनेश युवती को कैब से लेकर जा रहा था। नहर के पास वह लघुशंका के लिए रुक गया। इसी दौरान दोनों आरोपी वहां पहुंच गए और उस पर चापड़ से हमला कर दिया।
यह देखकर कैब से बाहर निकलकर युवती ने दिनेश का बचाव किया। आरोपियों ने उस पर भी हमला कर दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक की जांच में पता चला है कि दिनेश युवती की मौसी का बेटा था। अक्सर मिलने-जुलने के दौरान दोनों में प्यार हो गया और उन्होंने शादी करने का फैसला कर लिया।