सात साल पहले बीएसएनएल में हुए टैक्सी घोटाले में सीबीआई विशेष न्यायाधीश अशोक कुमार ने तत्कालीन जीएम (ऑपरेशन) देव कुमार और ट्रैवल संचालक नवीन कुमार भारद्वाज को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई है।
इसी मामले के तीसरे आरोपी एसडीओ सियाराम को एक साल कैद की सजा सुनाई। तीनों पर क्रमश: 2 लाख, 75 हजार और 17 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
मामला वर्ष 2007-08 का है। सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक एससी मीणा और उनके सहायक संजय सिंह ने कोर्ट में इस मामले की पैरवी की थी। सीबीआई की मानें तो पंडित मोटर्स से कुछ टैक्सियां हायर की गई थीं।
इनमें से प्रत्येक टैक्सी अलग-अलग अधिकारी के साथ लगाई गईं थी। बाद में अचानक पता चला कि अधिकारी जिस टैक्सियां हायर की गई हैं, वह असल में कहीं हैं ही नहीं। सिर्फ उनके नंबर पर फर्जी बिल पास हो रहे थे।
जबकि यह नंबर दुपहिया, चार पहिया और मालवाहक के थे। लोक अभियोजक ने बताया कि जांच सीबीआई ने की और मामला विशेष न्यायाधीश की कोर्ट में विचाराधीन था।
सोमवार को न्यायाधीश ने आरोपी देव कुमार, सियाराम एसडीओ के साथ ही पंडित ट्रैवल्स के मालिक नवीन भारद्वाज को सजा सुनाई।