स्वर्णनगरी सेक्टर के जनता फ्लैट सोसायटी में बृहस्पतिवार सुबह ठेकेदार पर हुए जानलेवा हमले के तार अब लूट के माल के बंटवारे को लेकर एक मार्च हुई शातिर साजिद की हत्या से जुड़ गए हैं।
प्राथमिक पड़ताल में जानकारी मिली है कि साजिद का एक करीबी साथी घटना के दौरान वहां मौजूद था और हमलावरों ने गलतफहमी में जोगेंद्र पर हमला कर दिया। इस वारदात के बाद गैंगवार की भी आशंका होने लगी है। हालांकि पुलिस हमलावरों की तालाश में ताबड़तोड़ दबिश देकर वारदात के खुलासे के प्रयास में जुट गई है।
बता दें कि सेक्टर स्वर्णनगरी स्थित सोसायटी में बृहस्पतिवार सुबह स्विफ्ट सवार 3 बदमाशों ने म्यू-2 सेक्टर निवासी जोगेंद्र सिंह ठेकेदार को गोली मारकर घायल कर दिया था। जोगेंद्र घटना के दौरान वहां रहने वाली अपनी महिला मित्र से मिलने आया था।
पुलिस वारदात की पड़ताल और हमलावरों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। कासना कोतवाली प्रभारी अवनीश दीक्षित ने बताया कि प्राथमिक पड़ताल में पता चल रहा है कि हमलावर जोगेंद्र को मारने नहीं आए थे, बल्कि उसके दोस्त फिरोज उनके निशाने पर था।
दोनों की शक्ल काफी मिलती जुलती है। फिरोज अपराधी है और साजिद गैंग का सदस्य है। एक मार्च को फरीदाबाद में लूटे गए माल के बंटवारे के विवाद में साजिद की उसके गैंग के सदस्यों ने बिसरख कोतवाली क्षेत्र में हत्या कर दी थी।
अंदेशा है कि साजिद के फरार हत्यारोपी ही उसके साथी फिरोज की हत्या करने आए थे। बृहस्पतिवार को फिरोज अपने एक साथी के साथ सोसायटी में आया था। उसके साथी के पीछे फिरोज के होने के अंदेशे से उन्होंने जोगेंद्र पर गोली चला दी।
हालांकि हमलावरों की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले का खुलासा होगा, क्योंकि जोगेंद्र भी साजिद की हत्या में पैरवी कर रहा था। शुरूआत में जोगेंद्र के परिजनों ने साजिद की हत्या की पैरवी करने पर हमले का आरोप लगाया था लेकिन बाद में उन्होंने गलतफहमी में वारदात होने के अंदेशे से रिपोर्ट लिखाने से मना कर दिया लेकिन पुलिस के कहने पर उन्होंने फरमान समेत तीन पर रिपोर्ट दर्ज करार्ई है। फरमान साजिद मर्डर के केस में भी नामजद है।