पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उसका विवाह नवंबर 2012 को हुआ था। शादी के बाद से ही ससुराल में उसे दहेज के लिए तंग किया जाने लगा।
तीन जनवरी 2013 को उसे घर से निकाल दिया गया। दो दिन बाद जब वह वापस आई तो उसे घर में घुसने नहीं दिया गया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि 15 जनवरी 2013 को वह फिर ससुराल आई तो उसके देवर ने दोस्तों के साथ मिलकर उसे कमरे में बंद कर सामूहिक दुष्कर्म किया।