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ये है कंपनी बनाकर गाड़ियां चुराने वाला गैंग, 500 से ज्यादा वाहनों को बेचा

Sat, 07 Oct 2017 09:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • वाहन चोरों की कंपनी पकड़ी, 11 गिरफ्तार
  • गिरोह में थीं कई यूनिटें, हिसाब-किताब रखने के लिए बाकायदा अकाउंट सेक्शन भी
  • 500 से ज्यादा गाड़ियों को बेच चुका है गिरोह
  • 400 से अधिक गाड़ियां केवल पंजाब में बेचीं
  • 30 लग्जरी कारें बरामद की गई हैं आरोपियों से
  • 22 से ज्यादा सदस्य हैं वाहन चोर गिरोह में
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कंपनी बनाकर वाहन चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरोह में कुल 22 से ज्यादा सदस्य हैं। गिरोह में कई यूनिटें बनी हुई थीं और हर यूनिट का काम बंटा हुआ था।
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कंपनी में हिसाब-किताब रखने के लिए बाकायदा यूनिट अकाउंट सेक्शन बना हुआ था। गिरफ्त में आए आरोपियों ने खुलासा किया है कि वह चोरी की 500 से ज्यादा गाड़ियों को बेच चुके हैं। चोरी की 400 से ज्यादा गाड़ियां पंजाब में बेचीं। इनके कब्जे से चोरी की मर्सिडीज जैसी करीब 30 लग्जरी कारें बरामद की गई हैं।

अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार के अनुसार, टीम ने मार्च, 2017 में अमृतसर में सक्रिय वाहन चोरी करने वाले सुखदेव के गिरोह का पर्दाफाश किया था। गिरोह से 20 लग्जरी कारें बरामद की गई थीं।
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पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में पता लगा था कि गिरोह में कई ग्रुप (यूनिट) हैं। पहला ग्रुप वाहन चोरी करता है। दूसरा ग्रुप चोरी किए गए वाहनों के इंजन व चैसिस नंबर बदलता है। तीसरा ग्रुप इसके बाद वाहनों को पूरे देश में बेचता है। चौथा ग्रुप चोरी किए वाहनों से आई रकम का हिसाब-किताब रखता है।
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ऐसे करते थे सौदा

- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को ये भी पता लगा कि ये स्क्रैप डीलर से सड़क दुर्घटना में पूरी तरह खत्म हो चुकी कार के कागजात खरीद लेते थे। ये उसी रंग व कंपनी की चोरी की गई कार का उन कागजात के आधार पर इंजन व चैसिस नंबर बदल देते थे।

इन कागजात के आधार पर आगे कार को बेच देते थे। पुलिस टीम को जांच में पता लगा कि केवल गिरोह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय है। गिरोह के सदस्यों को दबोचने के लिए विशेष टीम बनाई गई। जिला मुजफ्फरनगर (यूपी) निवासी मो. सिब्बू को कैथल (हरियाणा) से 19 अगस्त को पकड़ा गया था।

अपराध शाखा की टीम इसे रिमांड पर लेकर आई और गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद उससे चोरी की गाडिय़ां बरामद की गईं। इसके बाद पुलिस ने 22 सितंबर को केवल उर्फ लाला, उसके साथी विनय कुमार और तरुण को विकासपुरी से चोरी की स्विफ्ट डिजायर कार के साथ गिरफ्तार कर लिया था।

केवल ने बताया कि वह मुरादाबाद निवासी साथी दब्बू, मंत्री और काला के साथ 500 से ज्यादा गाड़ियां एक-डेढ़ वर्ष में चुरा चुका है। चोरी की गई गाड़ियों को पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात व पूर्वोत्तर राज्यों में बेचते थे।

इसके बाद चोरी की गाड़ियां खरीदने वाले मोगा (पंजाब) निवासी राजेश कुमार उर्फ राजेश मोगा को अमृतसर से चोरी की दो इनोवा के साथ गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद 29 सितंबर को गुजरात निवासी रिसीवर अतुल पटेल को चरखी दादरी से फोक्सवैगेन कार के साथ गिरफ्तार किया था।

वहीं बुलंदशहर, निवासी आमिर, मुरादाबाद निवासी साफिक, मणिपुर निवासी मो. अरजद अली, वाईएम साबिर अहमद, संभल यूपी निवासी असरार हुसैन को भी गिरफ्तार कर लिया।
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