फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संदीप गाड़ौली का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी पर लगी रोक 

Tue, 14 Jun 2016 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
विज्ञापन
पुलिस - फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
विज्ञापन
हरियाणा के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर संदीप गाड़ौली को मुंबई में एक एनकाउंटर में मार गिराए जाने के मामले में फंसी गुड़गांव पुलिस को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट के जस्टिस एम. जयपॉल की वेकेशन बेंच ने टीम में शामिल पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन


हालांकि, इसके साथ ही टीम को मुंबई पुलिस की जांच में सुबह 11 से शाम 5 बजे तक शामिल होने के निर्देश भी दिए हैं। सोमवार को इस संबंध में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस को 22 जून के लिए नोटिस जारी करते हुए कहा कि मुंबई पुलिस गुड़गांव पुलिस को न तो प्रताड़ित करे और न ही उन्हें गिरफ्तार करे।

एनकाउंटर में घायल एसआई प्रद्युमन व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि मुंबई पुलिस ने गैंगस्टर संदीप गाड़ौली के भाई की झूठी शिकायत पर एनकाउंटर करने वाली टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। 
विज्ञापन


हाईकोर्ट में संदीप गड़ौली के खिलाफ हरियाणा में दर्ज अपराधों की फेहरिस्त भी पेश की गई, जिसमें बताया गया कि गाड़ौली पर हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण, लूटपाट, डकैती के कई मामले दर्ज हैं और पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।

हाईकोर्ट को यह भी बताया गया कि संदीप गड़ौली की तलाश के लिए गठित एसआईटी जब सुराग मिलने पर मुंबई पहुंची तो गड़ौली जिस होटल में ठहरा था, वहां कमरे का दरवाजा खुलवाए जाने पर उसने टीम पर फायरिंग कर दी, जिसमें याचिकाकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गया। 

एमआईडीसी मुंबई पुलिस ने गाड़ौली के साथ कमरे में मौजूद लड़की की गवाही और गाड़ौली के भाई की शिकायत के आधार पर गुडग़ांव पुलिस टीम के सदस्यों एसआई प्रद्युम्मन, विक्रम, परमजीत, दीपक और जितेंद्र के खिलाफ हत्या, आम्र्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया था।

याचिका में कहा गया है कि मुंबई पुलिस उन्हें गलत तरीके से फंसा रही है। उन्हें जांच में शामिल होने के लिए मुंबई बुलाया गया है। याचिकाकर्ता ने कहा कि उन्हें डर है कि मुंबई पुलिस उन्हें गिरफ्तार न कर ले। याचिका में यह भी कहा गया कि बीती सात फरवरी को हुए इस एनकाउंटर के बाद गैंगस्टर संदीप गाड़ौली के परिजन एनकाउंटर को फर्जी ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें