दक्षिण जिला पुलिस के एएटीएस (एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वायड) ने एक ऐसे गैंग को दबोचा है जो बॉलीवुड मूवी ‘स्पेशल-26’ की तर्ज पर खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर भोले-भाले लोगों के साथ ठगी करता था। पुलिस ने इस संबंध में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान गैंग लीडर सुरेंद्र कुमार उर्फ सोनू (40), रमेश उर्फ डाबड़ी (30),अर्जुन उर्फ अजय (33),अशोक उर्फ बिल्ला (22) और रतन सोलंकी (27) के रूप में हुई है। पुलिस की मानें तो गैंग ने दिल्ली-एनसीआर में 100 से अधिक वारदातों को अंजाम दिया है।
वहीं गैंग की गिरफ्तारी से पुलिस ने ठगी की 24 वारदातें सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, दो नकली सीआईआई अधिकारियों के आईकार्ड, कुछ जेवरात, एक सेंट्रो कार और नकली नोटों के बंडल बरामद किए हैं।
दक्षिण-जिला पुलिस उपायुक्त ईश्वर सिंह ने बताया कि पिछले कुछ सालों से खुद को पुलिस अधिकारी या सीबीआई अधिकारी बताकर भोले-भाले लोगों खास महिलाओं से ठगी का सिलसिला जारी था।
ऐसे देते थे आरोपी वारदात को अंजाम...
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- फोटो : अमर उजाला
13 जनवरी 2017 को सरोजनी नगर इलाके में बदमाशों ने लक्ष्मी देवी नामक महिला को सीबीआई अधिकारी बताकर लुटने का डर दिखाकर ठग लिया था। लक्ष्मी से पांच हजार रुपये व उनके जेवरात ठग लिये गए थे।
पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने पिछले सालों में कुछ इसी तरह हुई वारदातों की पड़ताल की। छानबीन के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि वारदात में शामिल गैंग सेंट्रो कार में मोती लाल नेहरू कॉलेज के पास आने वाला है। सूचना के बाद पुलिस ने कार सवार सभी पांचों बदमाशों को दबोच लिया।
ऐसे देते थे आरोपी वारदात को अंजाम...
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद गैंग लीडर सुरेंद्र कुमार ने वारदातों में अपना हाथ होने की बात कबूल की। आरोपी ने बताया कि वह बावरिया जनजाति से संबध रखते हैं। इन लोगों ने हिंसात्मक अपराध छोड़कर ठगी के धंधे शुरू कर दिए।
इसमें आसानी से वह भोले-भाले लोग खासकर महिलाओं को निशाना बनाकर ठगी कर लेते थे। कभी नकली नोटों के बंडल देने के बहाने महिलाओं के जेवरात ठगे जाते थे। वहीं कभी बर्तन व जेवरात को पॉलिश करने के बहाने इनके जेवरात ठगे जाते थे।
ज्यादातर मामले में सूनसान जगहों पर महिलाओं को लुटने का डर दिखाया जाता था। खुद को आरोपी पुलिसकर्मी या सीबीआई अधिकारी बताते थे। विश्वास जीतने के लिए आरोपी सीबीआई अधिकारियों के नकली आईकार्ड भी दिखाते थे। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।