फरीदाबाद निवासी देवेंद्रपाल मिश्रा ने राजौरी गार्डन के ट्रैवल एजेंट से एयर टिकट बुक कराया। अकाउंट में पैसे आते ही आरोपी एजेंट ने देवेंद्रपाल का टिकट कैंसल कराकर रुपये हड़प लिए।
ऐसा देवेंद्रपाल के साथ ही नहीं बल्कि कई अन्य लोगों के साथ भी हुआ। मामले में राजौरी गार्डन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
पुलिस के मुताबिक पीड़ित देवेंद्रपाल परिवार के साथ सेक्टर-28, फरीदाबाद में रहते हैं। इनका अपना व्यवसाय है। देवेंद्र को अमेरिका जाना था। 3 जुलाई को उन्होंने राजौरी गार्डन स्थित ट्रैवल एजेंट विनय खुल्लर व उसकी पत्नी ज्योति खुल्लर से टिकट बुक कराए।
इसके लिए देवेंद्र ने अपने क्रेडिट कार्ड से उसी दिन 1.52 लाख रुपये की पेमेंट कर दी। जिसे विनय ने अपने खाते में ट्रांसफर कराया था। देवेंद्र को 9 सितंबर को दिल्ली से अमेरिका के डलास, 24 नवंबर को डालास से लॉस एंजिल्स, 16 दिसंबर को लॉस एंजिल्स से दिल्ली आना था।
एयरलाइंस में फोन किया तो उड़ गए होश
इस बीच 13 अगस्त को देवेंद्र ने जब एयरलाइंस से संपर्क किया तो उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। एयरलाइंस ने देवेंद्र को बताया कि टिकट बुक कराने के कुछ ही घंटों बाद उन्हें कैंसल करा दिया गया था।
पीड़ित ने फोन पर ट्रैवल एजेंट से संपर्क करने का प्रयास किया तो उसके नंबर बंद थे। दफ्तर पहुंचने पर पता चला कि आरोपी दफ्तर खाली कर फरार है।
देवेंद्र को पता चला कि ट्रैवल एजेंट ने उन्हीं की तरह फरीदाबाद के एक और दंपति को चूना लगाने के अलावा कई लोगों के साथ इसी तरह ठगी की। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश कर रही है।
बैंक से हजारों रुपये ले उड़े ठग
दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में स्थित एक बैंक में ठग ने नकली नोट बताकर एक युवक के हजारों रुपये उड़ा लिए। पीड़ित की शिकायत पर शालीमाग बाग थाने की पुलिस ठगी का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुट गई है।
पुलिस के अनुसार विक्रम (24) सपरिवार बुराड़ी इलाके में रहता है। वह पीतमपुरा स्थित एक प्राइवेट कंपनी में डिलीवरी मैन का काम करता है।
बीते शनिवार को उसके मालिक जोगेंद्र बंसल ने उसे एक लाख रुपये यूनियन बैंक में जमा करने के लिए दिए। विक्रम रुपये लेकर बैंक गया और वहां अपनी बारी का इंतजार करने लगा।
इसी दौरान उसके बगल में एक युवक आकर बैठ गया और अपने बैग से रुपये निकाल कर उसकी गिनती करने लगा। उसे रुपये गिनते हुए देखकर विक्रम भी रुपये निकालकर गिनती करने लगा।
युवक ने विक्रम का एक नोट पकड़ लिया और बताया कि यह नोट नकली है। उसके बाद वह विक्रम को बताया कि असली नोट में एबीसीडी लिखा होता है। युवक नोट गिनने के बाद विक्रम को वापस कर वहां से चला गया।
विक्रम ने जब उसकी दुबारा गिनती की तो उसमें 28 हजार रुपये कम थे। उसने इसकी शिकायत शालीबाग बाग थाने में की और बताया कि उसे शक है कि आरोपी युवक रुपये लेकर फरार हुआ है। शालीबाग बाग पुलिस बैंक में लगे सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में कर आरोपी की पहचान में जुटी है।