गांव पलड़ा में एआईपीएल कंपनी की निर्माणाधीन इमारत की 17वीं मंजिल से चार मजदूर बुधवार को गिर गए। इस हादसे में एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई जबकि तीन बुरी तरह घायल हो गए। घायलों को बादशाहपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना से गुस्साए मजदूरों ने कंपनी के दफ्तर पर जमकर तोड़फोड़ की। इसकी सूचना पुलिस को लगी तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव कब्जे में ले लिया। पुलिस ने हंगामा कर रहे मजदूरों को शांत कराया। घायल मजदूर के बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार बादशाहपुर थाना क्षेत्र के गांव पलड़ा में एआईपीएल कंपनी की ओर से 30 मंजिला बिल्डिंग बनाई जा रही है। बुधवार को यहां 17वीं मंजिल पर पलस्तर का काम चल रहा था। इसे बनाने के लिए मजदूरों ने बांस-बल्लियों की सीढ़ी बनाई हुई थी।
काम के दौरान अचानक बल्लियां सरक गईं। इस पर काम कर रहे मजदूर नीचे आ गिरे। इस हादसे में वह बुरी तरह से घायल हो गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां एक मजदूर ने दम तोड़ दिया।
घटना से गुस्साए मजदूरों ने बिल्डर के ऑफिस में जमकर तोड़फोड़ की। उन्होंने यहां खड़ी गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए। मजदूरों का आरोप है कि बिल्डर द्वारा साइट पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। उन्हें जो भी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है, वह पर्याप्त नहीं है।
सुरक्षा को लेकर वह पहले भी बिल्डर से कह चुके हैं, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस दुखद हादसे में पश्चिम बंगाल निवासी तंजुम अहमद की मौत हो गई है जबकि लियाकत अली, राकेश व हुसैन गंभीर रूप से घायल हो गए। इन्हें बादशाहपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
हंगामा कर रहे मजदूरों को पुलिस ने शांत कराया। शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मजदूर लियाकत अली के बयान पर बिल्डर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस प्रवक्ता रविन्द्र कुमार ने बताया कि घटना के वक्त दो मजदूर 17वीं मंजिल पर थे जबकि दो मजदूर 5वीं मंजिल पर थे। सुरक्षा में खामी होने की बात सामने आ रही है। मामले की जांच की जा रही है।