दक्षिणी जिले के स्पेशल स्टाफ ने भारी मात्रा में हथियारों के साथ चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से सात पिस्तौल, 75 कारतूस और 20 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। ये लोगों से जबरन वसूली में लगे हुए थे।
गिरफ्तार बदमाशों में से दो पर 50-50 हजार रुपये का इनाम भी है, दोनों को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर रखा था। आरोपी हत्या की वारदातों के गवाहों की हत्या करने के फिराक घूम रहे थे। बदमाश ये हथियार उत्तर प्रदेश के एटा व मैनपुरी से लेकर आए थे।
दक्षिण जिला डीसीपी ईश्वर सिंह ने बताया कि जिले के स्पेशल स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर हीरालाल की टीम को इन बदमाशों के बारे में सूचना मिली थी कि हत्या की वारदातों में वांछित बदमाश डेरा गांव के पास से गुजरेंगे।
एसआई जीत सिंह, सतेंद्र खारी व एसआई ज्ञानेंद्र की टीम ने 28 नवंबर को डेरा गांव के पास घेराबंदी कर स्कॉर्पियो कार में सवार चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। बदमाशों की पहचान आया नगर निवासी रोहित चौधरी (29), करोल बाग निवासी रवि उर्फ ज्ञानेश्वर (29), अंबेडकर नगर निवासी अनिल कुमार (30) और राजेश कुमार (30) के रूप में हुई।
दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने वाला रोहित चौधरी की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा गया था। मोनो ग्राफिक डिजाइनिंग का कोर्स कर चुके रवि के खिलाफ आधा दर्जन अपराधिक मामले दर्ज हैं।
अनिल कुमार की गिरफ्तारी पर भी 50 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था। सीजीएचएस डिस्पेंसरी, सेक्टर-4 पुष्प विहार में काम कर चुके राजेश ने वर्ष 2006 में हत्या की वारदात को अंजाम दिया था, जिसमें वह गिरफ्तार हुआ था।
बदमाशों के पास की स्कॉर्पियो कार सूरजपुर, गौतमबुद्घ नगर, उत्तरप्रदेश से लूटी गई थी। ये महरौली में वर्ष 2015 में नरेंद्र की हत्या की वारदात के गवाह सुरेंद्र समेत अन्य गवाहों की हत्या करने की फिराक में घूम रहे थे।