फरीदाबाद के भतौला गांव में रविवार को बारात में हुई हर्ष फायरिंग के दौरान गोली लगने से दूल्हे की छतरी उठाने वाले पवन नामक मजदूर की मौत हो गई। भूपानी पुलिस आरोपी की पहचान के लिए बारात की वीडियो रिकॉर्डिंग खंगाल रही है। मालूम हो कि हादसों के मद्देनजर उच्चतम न्यायालय ने मांगलिक या सार्वजनिक कार्यक्रमों में हर्ष फायरिंग पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, बावजूद इसके भतौला में वारदात हो गई।
ग्रेटर फरीदाबाद के भतौला गांव निवासी बृम्हा की बेटी का रविवार को विवाह था। देर शाम सिडौला से बारात आई थी। बारात में इंद्रा कॉलोनी निवासी मजदूर पवन उर्फ सुरेश दूल्हे की छतरी उठाए हुए था। नाचते गाते बाराती हर्ष फायरिंग भी कर रहे थे। अचानक एक गोली पवन के सिर में लगी वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।
बारातियों में अफरा-तफरी मच गई। किसी ने 100 नंबर पर हादसे की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पवन को उठा कर पास ही स्थित अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भूपानी थाना इंचार्ज इंस्पेक्टर महेश कुमार ने बताया कि पवन को जिस समय गोली लगी वह छतरी लेकर चल रहा था। उसको गोली किसने मारी इसका पता लगाया जा रहा है।
बारात में कौन कौन असलहा लेकर आया था, इसकी जानकारी इकट्ठा की जा रही है। बारात की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कब्जे में ली गई है, इसमें संभावित हत्यारे का सुराग लग सकता है। मृतक की पत्नी अमरावती की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
आरटीआई कार्यकर्ता रवींद्र चावला के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने हर्ष फायरिंग पर प्रतिबंध लगा रखा है, हर्ष फायरिंग रुकवाने की जिम्मेदारी पुलिस और प्रशासन की है, यदि पुलिस मुस्तैद होती तो शायद पवन की जान नहीं जाती।