कागज कारोबारी के घर में मंगलवार देर रात आग लगने से लाखों का सामान जल गया। पीड़ित परिवार समय रहते घर से बाहर निकल गया। कारोबारी ने मौके पर दमकल की गाड़ियाें के देर से पहुंचने का आरोप लगाया है। आग उन्हें पड़ोसियों के साथ मिलकर बुझानी पड़ी।
सेक्टर-50, बी-127 में कारोबारी संजय अग्रवाल पत्नी और मां के साथ ग्राउंड फ्लोर पर रहते हैं। प्रथम तल पर किरायेदार रहते हैं। संजय ने बताया कि डिनर करने के बाद सब लोग सोने चले गए। मंगलवार रात 3:40 बजे अचानक ब्लॉस्ट हुआ। वह कमरे से बाहर निकलकर आए तो घर में लगे बल्ब फूट रहे थे और आग लगी हुई थी।
उन्होंने शोर मचाया और बड़ी मुश्किल से किरायेदार समेत परिजनों को बाहर निकाला। उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम और फायर कंट्रोल रूम में सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन सुबह पांच बजे तक फायर विभाग का कोई भी कर्मचारी या दमकल की गाड़ी मौके पर आग बुझाने नहीं पहुंची।
तड़के 5:02 बजे पर दमकल की गाड़ी पहुंची, तब तक उन्होंने पड़ोसियों के साथ मिलकर आग पर काबू पा लिया था। आग से फ्रिज, एसी, सोफे, दरवाजे सब जल गए जिससे करीब 10 लाख का नुकसान हो गया।
वहीं, संजय के आरोपों को खारिज करते हुए सीएफओ एसके सिंह का कहना है कि फायर कंट्रोल रूम को सुबह 4:15 बजे पर सूचना मिली और 4:30 बजे दमकल की गाड़ियां मौके पर आग बुझाने पहुंच गई थी। आग लगने के कारणों को पता लगाया जा रहा है।