चुनाव अधिकारियों को 50 करोड़ की घूस देने की कोशिश के मामले में कथित बिचौलिये सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ चार्जशीट पर विचार करने के लिए अदालत ने 25 जुलाई की तारीख तय की है। दिल्ली पुलिस ने फर्जीवाडे़ व अन्य धाराओं में शुक्रवार को चार्जशीट दाखिल की थी।
तीस हजारी स्थित विशेष न्यायाधीश पूनम चौधरी ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के साथ संलग्न दस्तावेजों के निरीक्षण के लिए 25 जुलाई की तारीख तय की है। अदालत ने आरोपी सुकेश चंद्रशेखर की न्यायिक हिरासत भी सोमवार को अगली तारीख तक बढ़ा दी।
दिल्ली पुलिस ने सुकेश चंद्रशेखर पर फर्जीवाड़े, फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने, आपराधिक साजिश व भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धाराओं के तहत 14 जुलाई को चार्जशीट दाखिल की थी।
बता दें कि पुलिस ने इस चार्जशीट में एआईएडीएमके (अम्मा) के नेता टीटीवी दिनाकरण व उसके सहयोगी मल्लिकार्जुन व अन्य आरोपियों को शामिल नहीं किया है। इन आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र पेश किया जाएगा।
राजधानी के एक पांच सितारा होटल से दिल्ली पुलिस ने सुकेश को 16 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। उसकी जमानत याचिका दो बार अदालत से खारिज हो चुकी है। फिलहाल वह 90 दिनों से हिरासत में है।
अन्य आरोपियों टीटीवी दिनाकरण, मल्लिकार्जुन, हवाला ऑपरेटर नत्थू सिंह व ललित को जमानत मिल चुकी है। पुलिस ने चार्जशीट में कहा कि सुकेश चंद्रशेखर इस मामले का मुख्य आरोपी है और उसने ही चुनाव आयोग के अधिकारियों को घूस देने की कोशिश की थी।
उसने हवाला के जरिये दो करोड़ रुपये जमा किए थे जिसमें से 1.30 करोड़ रुपये उसकी गिरफ्तारी के समय बरामद हुए थे। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि दिनाकरण पर पार्टी का दो पत्ती का चुनाव चिन्ह हासिल करने के लिए चुनाव आयोग अधिकारी को घूस देने की कोशिश की। दिनाकरण यह चुनाव चिन्ह तमिलनाडु के आरके नगर विधानसभा चुनाव के लिए हासिल करना चाहते थे।