शहर में धोखाधड़ी के अलग-अलग दो मामले सामने आए हैं। पहला मामला थाना सेक्टर-24 क्षेत्र उदयगिरी-2 का है। इसमें किराये पर लिया गया मकान फर्जीवाड़ा कर बेच दिया गया।
कोर्ट के आदेश पर थाना सेक्टर-24 में मामला दर्ज हुआ है। वहीं, दूसरे मामले में सेक्टर-63 के एक बिल्डर से अलीगढ़ के दो लोगों ने 12 लाख ठग लिए। अमरेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सेक्टर-34 स्थित उदयगिरी-2 में वर्ष 2010 में उन्होंने एक फ्लैट खरीदा था।
फ्लैट उन्होंने 17 लाख 20 हजार में खरीदा था। उदयगिरी-2 में रहने वाले विनोद कुमार पुत्र वीर सिंह प्रापर्टी डीलर ने यह सौदा कराया था। रजिस्ट्री में विनोद गवाह के रूप में भी था।
परिचित होने से विनोद ने अपनी बहन की शादी के लिए अमरेश से किराये पर फ्लैट ले लिया। आरोप है कि इसके बाद विनोद ने फर्जीवाड़ा कर उनके फ्लैट के कागज तैयार किए और मोरना निवासी ज्ञानेंद्र शर्मा पुत्र रमानंद शर्मा को फ्लैट बेच दिया।
मामला तब सामने आया जब ज्ञानेंद्र ने उन्हें बताया कि मकान उसने खरीद लिया है। पीड़ित का आरोप है कि विनोद ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। मई, 2016 को पीड़ित ने थाना सेक्टर-24 में शिकायत की। थाने के कई चक्कर लगाए लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
जून, 2016 को एसएसपी को भी शिकायत पत्र दिया लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ। परेशान होकर पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके आदेश पर थाना सेक्टर-24 पुलिस ने रविवार को विनोद कुमार और ज्ञानेंद्र शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
वहीं, एक अन्य मामले में सेक्टर- 63 की एक कंपनी की ओर से थाना सेक्टर-58 में अलीगढ़ के दो लोगों पर फर्जी जमीन मालिक बनकर 12 लाख रुपये ठगने का केस दर्ज कराया गया है।