उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि आतंकियों ने अपना ट्रेंड बदल लिया है। बीते दिनों फ्रांस, बर्सिलोना, लंदन की सार्वजनिक जगहों पर गाड़ियों से कुचलकर या चाकू मारने की हुई आतंकी घटना से सबक लेने की जरूरत है। भारत में भी सार्वजनिक स्थलों पर इसी प्रकार का आतंकी हमला हो सकता है। हमारे पड़ोसी मुल्कों ने आतंकियों के लिए नीति बना रखी है। ऐसे में ज्यादा सचेत रहने की आवश्यकता है। नायडू सोमवार को मानेसर स्थित एनएसजी (राष्ट्रीय सुरक्षा गारद) के 33वें स्थापना दिवस में बतौर मुख्य अतिथि आए थे। उन्होंने उक्त बातें यही कहीं।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद से पूरी दुनिया त्रस्त है। पाकिस्तान का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि पड़ोसी मुल्कों के कारण भारत अधिक प्रभावित रहा है। इससे यहां का विकास भी बाधित हुआ है। आतंकवाद को न्यायसंगत बताना सही नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक तौर पर आतंकी घटनाएं बढ़ी हैं। आंतरिक आजादी का फायदा उठाकर आतंकी संगठन घटना को अंजाम देने लगे हैं, इसकी पहचान जरूरी है। संयुक्त राष्ट्र संगठन को इस बारे में कदम उठाना होगा।
तकनीक को मजबूत कर आतंकी घटनाओं को रोकना होगा- उपराष्ट्रपति
Terrorist
- फोटो : File Photo
देश की आंतरिक सुरक्षा पर भी उपराष्ट्रपति चिंतित दिखे। उन्होंने कहा कि तकनीक को मजबूत कर आतंकी घटनाओं को रोकना होगा। फ्रांस, बर्सिलोना, लंदन जैसी घटनाओं को रोकने के लिए देश की पुलिस, सुरक्षा एजेंसी और सैनिक बलों को और मजबूत करने की जरूरत है। तकनीक और कौशल दोनों को अपडेट करना होगा।
लगातार समीक्षा और अपडेट रणनीति के जरिए आतंकवाद को मात दी जा सकती है। तत्काल सैन्य सेवा और सर्विलांस के जरिए आतंकी घटना को रोका जा सकता है। सुरक्षा के मुद्दे पर राज्य और केंद्र को मिलकर विशेष रणनीति बनानी होगी। आतंकियों को आगाह करते हुए वह बोले कि बुलेट से समस्या हल नहीं होती है। बैलेट से हल होता है। देश की सैन्य क्षमता और एनएसजी सभी आतंकी घटना से निपटने में सक्षम हैं।