युवक की हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुदेश कुमार शर्मा की अदालत ने पुख्ता सबूतों व गवाहों के आधार पर पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 14 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
तीन साल पहले आठ दिसंबर को आईएमटी मानेसर क्षेत्र स्थित रॉकलैंड अस्पताल से मानेसर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि 2 युवक गंभीर रुप से घायल होकर उपचार के लिए आए हैं, जिनमें से एक घायल को मृत घोषित कर दिया गया है।
उस समय मूल रूप से औरेय्या यूपी निवासी घायल दिनेश ने पुलिस को बयान दिया था कि वह और संतोष मानेसर क्षेत्र स्थित गांव खोह में सिनेमा घर पर नौकरी करते हैं।
इसी दौरान रात में तीन युवक सलमान, फहीम और शहनवाज सिनेमा हाल पर पिक्चर देखने के लिए आए, जो पहले भी आते रहे हैं। उन्होंने आते ही पूछा कि आज कौन सी पिक्चर चलेगी?
उन्होंने जबाव दिया था कि जिस पिक्चर का नंबर है, वही चलेगी। जिस पर तीनों युवक भड़क गए और धमकी दी कि हमारी मर्जी से ही पिक्चर चलेगी। झगड़ा बढ़ता देख सिनेमा के मालिक वेदप्रकाश ने बीच-बचाव करा दिया, लेकिन तीनों युवक देख लेने की धमकी देकर चले गए।
शिकायतकर्ता ने बताया था कि थोड़ी देर बाद वे तीनों युवक इमरान व सलीम के साथ आए और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। संतोष पर गोली भी चलाई, जिससे वह गंभीर रुप से घायल हो गया और उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां पर चिकित्सकों ने संतोष को मृत घोषित कर दिया था।
पुलिस ने सलमान, शहनवाज, फहीम, इमरान व शहजाद के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तभी से वे सभी जिला जेल में बंद थे। मामला अदालत में चला। अभियोजन पक्ष ने अदालत में जो सबूत व गवाह पेश किए उनसे आरोपियों पर लगे आरोप सिद्ध हो गए। अदालत ने सभी आरोपियों को उम्रकैद व 14 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।