खुद को यूनाइटेड किंग्डम (यूके) की बताने वाली एक युवती से फेसबुक और वाट्सएसप पर दोस्ती करना अशोक कुमार निवासी तलवानी जिला भिवानी को महंगा पड़ा। सोशल साइट्स पर अशोक से प्रगाढ़ता बढ़ा युवती ने उससे मिलने के लिए भारत आने की इच्छा जताई।
इसके बाद पासपोर्ट से लेकर विभिन्न प्रोसेसिंग की फीस भरने के नाम पर अशोक से रुपये लेना चालू कर दिया। अब युवती ने उसे ब्लॉक कर दिया, धोखा खाए अशोक ने पुलिस में शिकायत दी है।
अशोक सेक्टर 28 स्थित एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करते हैं। उनके मुताबिक, कुछ माह पहले फेसबुक के जरिये उनकी मुलाकात रीता सिंह नाम की युवती से हुई। चैटिंग में रीता सिंह ने बताया कि वह यूके में रहती है और उसके माता-पिता नहीं हैं।
अशोक और युवती ने एक दूसरे को वाट्सएप नंबर दिया और उस पर रोजाना बातें करने लगे। अशोक ने युवती को भारत आने का निमंत्रण दिया। युवती ने प्लान बना लिया और बताया कि वह अशोक के लिए तोहफे में लेटेस्ट एप्पल फोन लेकर आएगी।
रीता ने बताया कि उसने मुंबई का टिकट लिया है। उन्होंने युवती से कहा कि सीधे दिल्ली का टिकट लेना चाहिए था। इस पर युवती ने फोन कर बताया कि उसे यलो कार्ड बनवाना पड़ेगा, तभी दिल्ली का टिकट मिलेगा। इसके लिए 55,500 रुपये लगेंगे, जो उसके पास नहीं हैं।
इस पर अशोक ने रीता के बताए खाते में रुपये जमा करवा दिए। कुछ दिन बाद अशोक के पास एक फोन आया, खुद को यूके एंबेसी का अधिकारी बताने वाले ने उससे कहा कि तुम्हारी दोस्त को एंटी टेररिस्ट सर्टिफिकेट बनवाना पड़ेगा, तभी वह दिल्ली आ सकती है।
अधिकारी ने एक खाता नंबर देकर सर्टिफिकेट की फीस 1,39,600 रुपये जमा करवाने को कहा। उन्होंने यह रकम भी जमा करवा दी। उनका आरोप है कि अब रीता सिंह का फोन नहीं मिल रहा।
उसने फेसबुक और वाट्सएप पर भी उन्हें ब्लॉक कर दिया, तब ठगी का अहसास हुआ। एसएचओ सेक्टर-31 थाना इंस्पेक्टर जयकिशन ने बताया कि साइबर सेल की रिपोर्ट पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।