सेक्स सीडी मामले में फंसे पूर्व महिला व बाल कल्याण मंत्री संदीप कुमार की जमानत पर दलीलें सुनने के बाद विशेष अदालत ने फैसला सोमवार तक सुरक्षित रख लिया। पुलिस ने इस मामले में संदीप कुमार को तीन सितंबर को गिरफ्तार किया था।
बता दें कि सुल्तानपुर माजरा क्षेत्र से विधायक व पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री को सेक्स सीडी सामने आने के बाद 31 अगस्त को पार्टी से निकाल दिया गया था। तीस हजारी स्थित विशेष न्यायाधीश पूनम चौधरी के समक्ष संदीप कुमार की जमानत याचिका पर बहस करते हुए अधिवक्ता नितिन अहलावत ने कहा कि उनका मुव्वकिल 60 दिनों से हिरासत में है और पुलिस की जांच पूरी हो चुकी है, जबकि यह पूरा मामला झूठा है।
राजनीतिक दुर्भावना के चलते फंसाया गया है, क्योंकि वह निर्वाचित विधायक हैं। बचाव पक्ष ने अपनी बहस में कहा कि पुलिस ने जिस सीडी के आधार पर मुकदमा किया, उसमें दिख रहा शख्स संदीप कुमार नहीं है। अगर सीडी को सही मान लें, तो भी मुकदमा नहीं बनता, क्योंकि इसमें आपसी सहमति से संबंध बनते दिख रहे हैं।
आपत्तिजनक स्थिति में दिखी थी महिला
sandeep kumar
- फोटो : अमर उजाला
यह सीडी उस महिला की जानकारी में नहीं थी और न उसे कभी इसके सहारे ब्लैकमेल किया गया। यह सीडी 11 महीने पुरानी है और उस समय संदीप कुमार विधायक या मंत्री नहीं थे, इसलिए उन पर पद के दुरुपयोग का आरोप भी नहीं लगाया जा सकता।
दिल्ली पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर संदीप को तीन सितंबर को गिरफ्तार किया था। यह महिला सीडी में संदीप के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रही है। महिला का आरोप था कि वह राशन कार्ड बनवाने के सिलसिले में संदीप के पास गई थी।
उसने कोल्ड ड्रिंक में नशा देकर दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने दुष्कर्म के अलावा भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धारा भी लगाई है, इसलिए इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश के समक्ष हो रही है।