सड़क हादसे में मौत का शिकार हुए युवक का शव रख कर परिजनों ने सूरजकुंड रोड जाम कर दिया। लोगों को समझाने पहुंची पुलिस पर गुस्साई भीड़ ने पथराव कर दिया।
पथराव में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। किसी तरह हालात संभाल कर पुलिस ने यातायात चालू करवाया। पथराव में घायल सब इंस्पेक्टर चरण सिंह ने सूरजकुंड थाने में सवा सौ से अधिक लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और मारपीट का केस दर्ज कराया है।
सूरजकुंड जैन डेरा में रहने वाले सत्यनारायण मेहनत मजदूरी कर परिवार का गुजारा चलाते थे। रविवार देर शाम वह काम से लौटे थे। आराम करने के बाद वह किसी काम से घर से निकले थे कि लेकवुड सिटी के सामने रास्ता पार करते समय अनियंत्रित कार की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई थी।
पुलिस ने कार चालक के खिलाफ केस दर्ज किया था। सोमवार दोपहर बाद पोस्टमॉर्टम होने के बाद पुलिस ने सत्यनारायण का शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। परिजन शव को शमशान घाट न ले जाकर जैन डेरा ले गए।
देर शाम परिजनों ने सत्यनारायण का शव जैन डेरा के सामने सूरजकुंड रोड पर रख कर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर लोगों को समझाने के लिए एसएचओ सूरजकुंड इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह, सब इंस्पेक्टर चरण सिंह, एएसआई सतबीर, सिपाही सुरेंद्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
करीब सवा सौ लोग हादसे को हत्या बताते हुए कार चालक को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए। एसएचओ ने समझाया कि कार की पहचान हो गई है। आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा और लोगों से जाम खत्म करने की मांग की।
अचानक भीड़ ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया। पत्थर लगने से तीन पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। पुलिस ने सड़क पर लाठियां पटक कर भीड़ को तितर बितर किया और परिजनों को शव सौंपकर वापस भिजवाया।