गांव झुंडसराय के युवक की हत्या नशे में धुत चार युवकों ने नोटबंदी के दौरान छीने गए 500 रुपये का बदला लेने के लिए की थी। फर्रुखनगर पुलिस ने इस मामले में चारों आरोपियों को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ के दौरान चारों युवकों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और हत्या करने का कारण भी बताया।
युवक की हत्या खंड के गांव ख्वासपुर सीमा क्षेत्र में शनिवार रात केएमपी पर हुई थी। फर्रुखनगर पुलिस ने हत्या के मामले में मेघनाथ निवासी झारखंड, प्रमोद निवासी जौनपुर उत्तर प्रदेश, गणेश व पंकज (दोनों सगे भाई) निवासी उत्तराखंड को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि वह झुंडसराय स्थित घोड़ा फार्म में रहते हैं और एक स्थानीय प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं।
वर्ष 2016 नवंबर माह में नोटबंदी के दौरान ख्वासपुर निवासी सुनील ने दादागिरी दिखाते हुए पंकज से 500 रुपये का नोट जबरदस्ती छीन लिया था और इन्हीं पैसों से शराब पीकर शराब ठेके के पास धुत पड़ा रहता था। उस दौरान तो वह अपने गांव चले गए, लेकिन सुनील को सबक सिखाने की मन में ठान ली थी।
कुछ दिनों पहले जब वह गांव से लौटे तो सुनील, पंकज को फिर से परेशान करने लगा। तब पंकज ने अपने भाई गणेश, साथी मेघनाथ और प्रमोद को बुलाकर सुनील को सबक सिखाने की ठानी। उन्होंने उसे केएमपी पर बुलाया और शराब पिलाकर खूब मारा पीटा और उसे वहीं छोड़कर चले गए।
थोड़ी देर बाद प्रमोद और गणेश फिर वापस आए और उन्होंने सुनील को दोबारा से पीटा। उसके सिर पर शराब की बोतलें मारीं। बोतल तोड़कर उसकी छाती व चेहरे पर कई वार किए। उसे अधमरा समझकर वह वहां से फरार हो गए। पूरी रात रास्ते में पड़े रहने के कारण सुनील की मौत हो गई।